अवैध होंगे या वैध? इन 3 वोटों पर टिका हरियाणा की दूसरी राज्यसभा सीट का भविष्य... काउंटिंग रुकी
punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 06:51 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को हुआ मतदान नाटकीय मोड़ पर आकर रुक गया है। शाम 4:00 बजे वोटिंग प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद, शाम 5:00 बजे शुरू होने वाली मतगणना (Counting) पर ग्रहण लग गया। तीन विधायकों के वोटों की वैधता को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच मचे घमासान के कारण अब अंतिम फैसला केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) के पाले में है।
विवाद की जड़: 'गोपनीयता' का उल्लंघन?
जैसे ही मतदान खत्म हुआ, काउंटिंग हॉल के भीतर आपत्तियों का दौर शुरू हो गया। मुख्य विवाद परमवीर सिंह, भरत बेनीवाल और अनिल विज के वोटों को लेकर है। विपक्षी दलों का दावा है कि इन विधायकों ने बैलेट पेपर पर अपना वोट डालने के बाद उसे अधिकृत एजेंट के अलावा अन्य लोगों को दिखाया, जो 'सीक्रेसी ऑफ बैलेट' (मतदान की गोपनीयता) के नियमों का उल्लंघन है। दोनों ही खेमों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और इन वोटों को 'अवैध' घोषित करने की मांग की है।
कुल 90 विधायकों में से 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनेलो (INLD) के अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी। भाजपा के संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट पर कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और निर्दलीय सतीश नांदल के बीच कांटे की टक्कर है। ऐसे में हर एक वोट निर्णायक साबित हो सकता है।
चंडीगढ़ के चुनाव अधिकारियों ने विवादित मतदान की वीडियो फुटेज और विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग को भेज दी है। नियम के अनुसार, जब तक दिल्ली से हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक मतपेटियां नहीं खोली जा सकतीं।
राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस समय भारी तनाव है। अगर ये तीन वोट अवैध घोषित होते हैं, तो जीत के लिए जरूरी 'कोटा' (नंबर गेम) बदल जाएगा, जिससे चुनावी नतीजे पूरी तरह पलट सकते हैं। अब सबकी नजरें दिल्ली से आने वाले फैसले पर टिकी हैं।