ठप हुई स्वास्थ्य सेवाएं: सोनीपत, गोहाना और रेवाड़ी के नागरिक अस्पतालों में ओपीडी बंद, मरीज दर-दर भटकने को मजबूर
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 05:05 PM (IST)
डेस्क: हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा में डॉक्टर के साथ हुई पुलिस बदसलूकी की घटना ने अब पूरे प्रदेश में एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। सोनीपत, गोहाना और रेवाड़ी सहित राज्य के तमाम सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत होली के दिन करनाल के घरौंडा सीएचसी में हुई। ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत चौहान ने अस्पताल में उपद्रव कर रहे कुछ लोगों से सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस को फोन किया। आरोप है कि सुरक्षा देने के बजाय, घरौंडा एसएचओ दीपक कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर के साथ गाली-गलौज की, उन्हें थप्पड़ मारे और कॉलर पकड़कर जबरन पुलिस गाड़ी में डालकर थाने ले गए। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डॉक्टरों में भारी रोष फैल गया।
सोनीपत: आश्वासन से असंतुष्ट डॉक्टर
सोनीपत नागरिक अस्पताल में सुबह से ही ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के आह्वान पर डॉक्टरों ने काम छोड़ दिया है। हालांकि इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवाएं चालू हैं, लेकिन इलाज के लिए दूर-दराज से आए मरीज पर्ची काउंटरों और खाली कमरों के बाहर भटकते नजर आए।
गोहाना: 600 मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
गोहाना के नागरिक अस्पताल में रोजाना औसतन 500 से 600 मरीज आते हैं। शनिवार को हड़ताल के कारण हड्डी, नेत्र, ईएनटी और बाल रोग जैसे विभागों में ताले लटके रहे। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक पुलिसकर्मियों पर ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं होती, यह विरोध जारी रहेगा।
. रेवाड़ी: स्वाभिमान की लड़ाई
रेवाड़ी में एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉ. सुधा यादव ने इसे पूरे चिकित्सा समुदाय का अपमान बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उचित धाराओं में मामला दर्ज नहीं हुआ, तो आने वाले समय में इमरजेंसी सेवाएं भी ठप की जा सकती हैं। यहाँ एक मरीज 80 किमी दूर से अपनी पत्नी को लेकर पहुंचा, लेकिन उसे बिना इलाज के ही लौटना पड़ा।
प्रशासन की कार्रवाई और डॉक्टरों की मांग
मामला तूल पकड़ते देख करनाल एसपी ने एसएचओ दीपक कुमार को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक 'आईवॉश' (दिखावा) है।
बहादुरगढ़ में भी सेवाएं ठप्प
करनाल में डॉक्टर के साथ हुई मारपीट के विरोध में प्रदेशभर के डॉक्टर आज हड़ताल पर रहे। इसका असर बहादुरगढ़ में भी साफ तौर पर देखने को मिला। बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही। अस्पताल के ओपीडी रूम में डॉक्टर नहीं बैठे, जिस वजह से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगें:
- आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज हो।
- ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तारी हो।
- भविष्य में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए ठोस कानून (Medical Protection Act) को सख्ती से लागू