जलभराव की समस्या जानने के लिए गुड़गांव पहुंचे IIT प्रोफेसर, समाधान की योजना बनाई

punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 09:25 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): बारिश के बाद जलभराव से होने वाली परेशानी को खत्म करने के लिए अब स्थायी समाधान की दिशा में काम तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में आईआईटी गांधीनगर के प्रो. विवेक कपाडिय़ा और प्रो. उदित भाटिया ने बुधवार को एमसीजी और जीएमडीए अधिकारियों के साथ सुभाष चौक और राजीव चौक समेत जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने पानी के संग्रहण और निकासी की संभावनाओं का जायजा लेकर तकनीकी समाधान पर चर्चा की। निरीक्षण के दौरान एमसीजी के अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, पार्षद कुलदीप यादव और जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अमित गोदारा ने आईआईटी विशेषज्ञों को क्षेत्र में जलभराव की स्थिति और मौजूदा व्यवस्था की जानकारी दी।

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प्रस्तावित योजना के तहत जलभराव वाले स्थानों के आसपास उच्च क्षमता वाले भूमिगत स्टोरेज टैंक और इंजेक्शन वेल विकसित किए जाएंगे। बारिश के दौरान जमा होने वाले पानी को पहले टैंकों में संग्रहित किया जाएगा। इसके बाद इंजेक्शन वेल के जरिए पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने की व्यवस्था होगी। इससे कम समय में अधिक वर्षा जल का निस्तारण करने में मदद मिलेगी। योजना के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले इंजेक्शन वेल बनाए जाने प्रस्तावित हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति और जरूरत के आधार पर स्टोरेज टैंक की क्षमता तय की जाएगी।

 

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प्रस्तावित जल प्रबंधन व्यवस्था को स्काडा तकनीक से जोड़े जाने की योजना है। इसे केंद्रीय भूजल बोर्ड से लिंक किया जाएगा, जिससे जलस्तर और जल प्रबंधन से जुड़े आंकड़ों की निगरानी एवं तकनीकी विश्लेषण किया जा सकेगा। आईआईटी गांधीनगर के विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार की जा रही योजना का उद्देश्य गुरुग्राम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना है। एमसीजी और जीएमडीए का जोर बारिश के दौरान तत्काल पानी निकालने के साथ-साथ जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तैयार करने पर है।

 


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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