ISKCON आज भी जीवंत रखे हुए है भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य उपदेशों की विरासत

punjabkesari.in Tuesday, Jun 23, 2026 - 06:54 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): जब भी मानव इतिहास में ज्ञान, कर्तव्य और आध्यात्मिकता की बात होती है, तो कुरुक्षेत्र का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। यह वही पावन भूमि है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के आरंभ से पूर्व अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य उपदेश दिया था। हजारों वर्ष पहले दिया गया यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस समय था।

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक  https://www.facebook.com/KesariGurugram  पर क्लिक करें।

 

कुरुक्षेत्र केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि मानवता को दिशा देने वाली ज्ञानभूमि है। यहीं से संसार को कर्मयोग, आत्मज्ञान, भक्ति और धर्म का वह संदेश प्राप्त हुआ जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। आज इसी विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य ISKCON कर रहा है, जो श्रद्धालुओं और युवाओं को गीता के वास्तविक संदेश से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

 

जहां युद्धभूमि पर मिला जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान

महाभारत के युद्ध में जब अर्जुन अपने कर्तव्य को लेकर संशय में पड़ गए, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें जीवन का वह ज्ञान प्रदान किया जो आगे चलकर श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में विश्व का मार्गदर्शन बना। गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला, नेतृत्व, निर्णय क्षमता और मानसिक संतुलन का शाश्वत मार्गदर्शक है। आज भी लाखों श्रद्धालु कुरुक्षेत्र पहुंचकर उस भूमि के दर्शन करते हैं जहां यह दिव्य संवाद हुआ था। उनके लिए यह केवल तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरण का अनुभव होता है।

 

गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास

गीता की जन्मस्थली पर स्थित ISKCON श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रहा है। मंदिर में नियमित रूप से गीता प्रवचन, संकीर्तन, आध्यात्मिक चर्चाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को सनातन ज्ञान और भक्ति के मार्ग से जोड़ना है। यहां आने वाले भक्त केवल दर्शन ही नहीं करते, बल्कि गीता के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा भी प्राप्त करते हैं। विशेष रूप से युवाओं के बीच गीता के ज्ञान को सरल और व्यावहारिक रूप में पहुंचाने के लिए कई पहल की जा रही हैं।

 

पूरी दुनिया में गूंज रहा है कुरुक्षेत्र का संदेश

आज श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन दुनिया के अनेक देशों में किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और कॉर्पोरेट जगत में भी गीता के सिद्धांतों को नेतृत्व, प्रबंधन और व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में ISKCON उस पवित्र विरासत का प्रतिनिधित्व करता है जहां से यह ज्ञान पहली बार मानवता तक पहुंचा था। यह स्थान केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

 

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र

तनाव, प्रतिस्पर्धा और अनिश्चितताओं से भरे आधुनिक जीवन में गीता का संदेश युवाओं को आत्मविश्वास, धैर्य और सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है। ISKCON इसी ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाकर उन्हें आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Pawan Kumar Sethi

Related News

static