कोसली बाईपास के लिए बढ़ाया जा सकता जमीन मुआवजा, सरकार ने तय की हुई 60 लाख प्रति एकड़ दरें
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 07:41 PM (IST)
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): कोसली विधायक अनिल यादव ढहीना ने बाईपास का मुद्दा उठाया। पिछले सत्र में भी वे यह मांग उठा चुके हैं। सरकार बाईपास की मंजूरी दे चुकी है और इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को करीब 24 एकड़ जमीन की जरूरत है। ई-भूमि पोर्टल के जरिये सरकार जमीन ढूंढ रही है। सरकार ने 60 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय किया है, लेकिन किसान इतने में जमीन देने को राजी नहीं हैं।
पीडब्लयूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा के खुलासे के बाद अनिल यादव ने कहा कि धनिया गांव में कृषि योग्य भूमि क सर्कल रेट ही 40 लाख के करीब है। वहीं शहादतपुर गांव में जमीन का सर्कल रेट 47 लाख 88 हजार रुपये है। अनिल यादव ने कहा कि बाईपास के लिए जमीन को लेकर वे किसानों से बात कर चुके हैं, लेकिन मुआवजा कम होने की वजह से किसान जमीन देने को राजी नहीं हैं।
इस पर कैबिनेट मंत्री ने विधायक को ही कहा कि वे किसानों से बात करें और फिर सरकार को बताएं कि वे कितने पैसे में अपनी जमीन देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बाईपास निर्माण के लिए सरकार मुआवजा राशि बढ़ाने पर भी विचार करेगी। इसी दौरान झज्जर विधायक गीता भुक्कल ने भी छुछकवास बाईपास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुआवजा की राशि में बढ़ोतरी की जानी जरूरी है। कम मुअावजे के चलते किसान जमीन नहीं देते।
11 वर्ष पहले हुई थी घोषणा
अनिल यादव ने कहा कि कोसली बाईपास की घोषणा करीब 11 साल पहले हुई थी, लेकिन आज तक भी इसका निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि बाईपास नहीं होने की वजह से शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा द्वारा मुआवजा राशि में बढ़ोतरी के संकेत दिए जाने के बाद बाईपास का रास्ता साफ होने की संभावना बढ़ गई है।