बिना लोन लिए इंडसइंड बैंक के सीनियर VP बने कर्जदार, रिकवरी एजेंटों ने कर दिया जीना मुहाल, जानें पूरा मामला
punjabkesari.in Saturday, May 23, 2026 - 08:27 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): लोन रिकवरी के नाम पर कथित एजेंट ने इंडसइंड बैंक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और उनके पूरे परिवार का जीना मुहाल कर दिया। जबकि उनकी तरफ से कोई लोन नहीं लिया गया था। आरोपियों ने पीड़ित के परिवार की महिलाओं को गालियां दी, बच्चों की तस्वीरें व्हाट्सऐप पर भेजी और महज कुछ ही घंटों में 200 से ज्यादा कॉल करके पूरे घर में खौफ का माहौल पैदा कर दिया। साइबर थाना ईस्ट पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2), 79 के तहत शुक्रवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के मुताबिक, शिकायत में सेक्टर-39 स्थित यूनीटेक साइबर पार्क में रहने वाले इंडसइंड बैंक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सौरभ पुरी ने बताया कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उनके पास कुछ अज्ञात नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वाले ने उनके किसी कर्मचारी के बारे में पूछताछ कर रहे थे, जिसने कथित तौर पर उनसे लोन लिया था। सौरभ पुरी ने साफ तौर पर कहा कि वे ऐसे किसी व्यक्ति या लोन खाते को नहीं जानते और उन्हें दोबारा फोन न किया जाए। इसके बावजूद आरोपियों ने दिन-रात उनके और उनके परिवार के नंबरों पर फोन कर परेशान करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि मना करने पर उत्पीड़न और काफी बढ़ गया। आरोपियों ने सौरभ पुरी की बुजुर्ग मां और पत्नी के लिए बेहद अश्लील, अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। जब परिवार ने उनके नंबर ब्लॉक करना शुरू किया, तो आरोपियों ने नए-नए नंबरों से फोन करना शुरू कर दिया। एक ही दिन में फोन और व्हाट्सऐप पर 200 से अधिक फोन किए गए। इतना ही नहीं, पीड़ित के फोन को पूरी तरह ठप करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए ओटीपी बॉम्बिंग का सहारा लिया गया। उनके नंबर पर ब्लिंकिट, जेप्टो, एलेन, लिशियस, ईटश्योर, फिजिक्स वाला और लेंसकार्ट जैसी दर्जनों कंपनियों के सैकड़ों रैंडम ओटीपी और स्पैम मैसेज भेजे जाने लगे।
आरोपियों ने सौरभ पुरी के बच्चों और परिवार के सदस्यों की निजी तस्वीरें ढूंढकर उनकी पत्नी के व्हाट्सऐप पर भेज दी। बिना सहमति के पारिवारिक तस्वीरें भेजकर आरोपियों ने यह जताने की कोशिश की कि वे उन पर नजर रख रहे हैं, जिससे पूरा परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद डर गया है। इसके अलावा, जब पीड़ित परिवार ने अनजान नंबर उठाने बंद कर दिए, तो शातिर आरोपियों ने स्विगी और ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉयज के नंबरों और थर्ड-पार्टी ऐप का इस्तेमाल कर उन्हें फोन मिलाना शुरू कर दिया ताकि परिवार झांसे में आकर फोन को उठा लिया जाए।
मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर पीड़ित ने 22 मई 2026 को साइबर थाना गुरुग्राम में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना/अपमान करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी है। जिन नंबर से फोन किया गया है,उनकी जानकारी जुटाकर आरोपियों की लोकेशन और पहचान करने का प्रयास कर रहे है।