मनीषा मौत मिस्ट्री :CBI की सुस्ती पर फूटा गुस्सा, सरकार के खिलाफ खाप और किसानों ने भरी हुंकार
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 09:40 AM (IST)
भिवानी: बीते वर्ष 2025 में पूरे देश को झकझोर देने वाली मनीषा मर्डर मिस्ट्री एक बार फिर सुर्खियों में है। है। वारदात के 7 महीने बीत जाने और जांच सी.बी.आई. के हाथों में होने के बावजूद अब तक किसी ठोस नतीजे पर न पहुंचने से जन आक्रोश चरम पर है। सोमवार को सर्वमान्य न्याय संघर्ष समिति के बैनर तले सैंकड़ों खाप प्रतिनिधि, किसान संगठन और सामाजिक कार्यकर्त्ता पैदल लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।
मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 7 मार्च को उसके पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण से पैदल जत्था रवाना हुआ था। 3 दिन की यात्रा के बाद सोमवार को जत्था भिवानी पहुंचा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय व हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन दौरान खाप और किसान नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली और सी.बी.आई. की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि उन्होंने सरकार के न्याय दिलाने के भरोसे पर मनीषा का दाह संस्कार किया था लेकिन आज 7 महीने बीत गए, सी.बी.आई. की जांच को शुरू हुए भी 90 दिनों से ज्यादा का समय हो गया है फिर भी परिणाम शून्य है। भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष नेता मेवा सिंह आर्य ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि प्रशासन और सी.बी.आई. की ढुलमुल कार्यप्रणाली से लोगों में भारी रोष है। यदि 24 मई तक सी.बी.आई. जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया तो हरियाणा के इतिहास का सबसे बड़ा राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू होगा। 24 मई को एक विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी