तीन दिन में नहीं निपटाई लंबित शिकायतें तो नपेंगे MCG अधिकारी
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 07:51 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): शहर को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में नगर निगम लगातार कदम उठा रहा है। नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया स्वयं प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शहर का निरंतर दौरा कर सफाई व्यवस्था और अन्य कार्यों का निरीक्षण करते हैं। इसके साथ ही वे देर शाम अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर दिनभर की कार्यवाही का आंकलन करते हैं।
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शनिवार को निगमायुक्त ने वार्ड-19 के नया गांव, मारुति कुंज और आसपास के क्षेत्रों का पैदल दौरा किया। इस दौरान उनके साथ निगम पार्षद राज अमित भड़ाना, अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त रविन्द्र मलिक और अन्य अधिकारीगण भी मौजूद रहे। उन्होंने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सहित अन्य कार्यों का निरीक्षण किया तथा मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निगमायुक्त ने शुक्रवार देर शाम करीब 8:30 बजे सफाई व्यवस्था और इंजीनियरिंग शाखा से जुड़े अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिए कि नगर निगम के पास विभिन्न माध्यमों (सीएचएस जीएमडीए पोर्टल, समाधान शिविर, जनसंवाद, सोशल मीडिया) से प्राप्त सभी शिकायतों का निवारण तीन दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। विशेष रूप से सीएचएस पोर्टल, समाधान शिविर और जनसंवाद से प्राप्त शिकायतों का समाधान कनिष्ठ अभियंता अनिवार्य रूप से 3 दिन में करें। हर शिकायत का ट्रैकिंग रिकॉर्ड रखा जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 सितंबर से 15 सितंबर तक गड्ढामुक्त सड़क अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही शहर में सीवरेज मैनहोल और ड्रेनेज कवर दुरुस्त करने के लिए मिशन मोड में काम करने के भी निर्देश जारी किए गए। सफाई व्यवस्था को लेकर भी निगमायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। सफाई एजेंसियों को निर्देश दिया कि तीन दिनों में सीएचएस पोर्टल पर दर्ज सभी लंबित शिकायतों का समाधान किया जाए। इसके साथ ही सभी सफाई कर्मचारियों को बुधवार तक जैकेट, दस्ताने और मास्क उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। निर्देशों का पालन न करने वाली एजेंसियों पर भारी जुर्माना और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान निगम की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर अधिकारी-कर्मचारी जवाबदेही तय की जाएगी। यह सख्ती और नियमित निगरानी गुरुग्राम को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी।