दिल्ली के नामी होटल और सोसाइटियों से गुड़गांव में डाला जा रहा कूड़ा, नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका भी आई सामने
punjabkesari.in Monday, Oct 05, 2026 - 11:36 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): दिल्ली का अवैध रूप से कचरा डंप करने वाले एक बड़ा गिरोह बीते कुछ सालों से गुरुग्राम में सक्रिय है। दिल्ली के नामी होटलों, बड़ी सोसाइटियों और नामचीन रेस्टोरेंटों से निकलने वाला टन कचरा बीते कई सालों से अवैध रूप से गुरुग्राम लाकर डंप किया जा रहा है। कूड़ा उठाने वाला यह गिरोह गुरुग्राम के विभिन्न इलाकों में किराए पर जमीन लेकर बेधड़क अपना काला कारोबार चला रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे अवैध खेल में नगर निगम के अधिकारियों की नाक के नीचे यह कारोबार चल रहा है, लेकिन उनको इस बारे में कोई जानकारी तक नहीं। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद आखिरकार पुलिस को खुद शिकायतकर्ता बनकर मामला दर्ज करते हुए गिरोह को पकड़ा गया।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
जांच में सामने आया है कि कचरा माफिया दिल्ली के साकेत, रंगपुरी, रजोकरी, कापसहेड़ा, आया नगर, महरौली और द्वारका एक्सप्रेसवे के रास्तों से गाड़ियों में भरकर कचरा गुरुग्राम ला रहा है। शहर की सीमा से सटे लगभग दस प्रमुख इलाकों में यह माफिया जमीनों को किराए पर लेकर अवैध डंपिंग यार्ड चला रहा है। रात और तड़के के समय दिल्ली से गाड़ियां भरकर आती हैं और गुरुग्राम की खाली जमीनों पर अनधिकृत रूप से कूड़ा डाल दिया जाता है। उसके बाद सूखे कचरे को अलग कर लाखों रुपये हर महीने कमाए जा रहे थे।इसके साथ-साथ गिले कचरे को गुरुग्राम में डाल देते,जिसकों को नगर निगम गुरुग्राम को उठाना पड़ रहा है।
जांच में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दिल्ली से लाया जा रहा यह कचरा न केवल निजी किराए की जमीनों पर फेंका जा रहा है, बल्कि अवैध रूप से गुरुग्राम के बंधवाड़ी लैंडफिल साइट तक भी पहुंचाया जा रहा है।शहर के स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायते भी की। इसके अलावा नगर निगम के अधिकारियों ने पुलिसफोर्स को तैनात करने के लिए कुछ महीने पहले पत्र भी लिखा गया था। शुक्रवार को जब हरियाणा के मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में अवैध डंपिंग पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, तो पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया। हालांकि, जब पुलिस जांच करने पहुंची, तो नगर निगम के अधिकारियों ने उल्टे पुलिस को ही लिखित शिकायत देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जब अपने स्तर पर मामले की गहराई से जांच की, तो सामने आया कि इस अवैध डंपिंग यार्ड के खेल में नगर निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई। नगर निगम अधिकारियों के अड़ियल और असहयोगात्मक रवैये के बाद पुलिस को खुद ही शिकायतकर्ता बनकर प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी थी।
गुरुग्राम पुलिस ने रविवार को चार स्थानों पर छापेमारी करते हुए दस लोगों को गिरफ्तार कर सात वाहनों को जब्त किया गया था। सरहोल गांव के पास कचरा डालते हुए चालकों को उद्योग विहार थाने में मामला दर्ज कर चालकों को गिरफ्तार किया। उद्योग विहार थाना पुलिस ने मामले में जांच करते हुए ट्रैक्टर-ट्राली के मालिकों को साजिश रचने का आरोपी बनाया है। जल्द ही मालिकों को भी पुलिस गिरफ्तार करेगी। वहीं चालकों को मामले में शामिल जांच कर पुलिस ने जमानत पर छोड़ दिया।