जलभराव पर रियल टाइम निगरानी के लिए MCG की स्मार्ट पहल
punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 08:18 AM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। नगर निगम ने आईआईटी गांधीनगर और एआईआरइएसक्यू के सहयोग से विकसित फ्लड डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) को लागू करने की दिशा में विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को इसके संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया।
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अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर निगम की जीआईएस टीम तथा मानसून मॉनिटरिंग सेल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सिस्टम के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने अधिकारियों को सिस्टम से प्राप्त रिपोर्टों के विश्लेषण, फील्ड टीमों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा रियल टाइम डेटा को लगातार अपडेट करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया। प्रो. उदित भाटिया और पद्मश्री प्रो. अशोक झुनझुनवाला की अगुवाई में आईआईटी गांधीनगर की विशेषज्ञ टीम ने शहर में लगाए गए विभिन्न सेंसरों का फील्ड निरीक्षण भी किया। ये सेंसर वर्षा, जलस्तर और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों का रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराएंगे। इस डेटा को फ्लड डिसीजन सपोर्ट सिस्टम से जोडक़र संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी, जिससे समय रहते राहत एवं बचाव संबंधी आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने कहा कि यह प्रणाली केवल मानसून के दौरान त्वरित निर्णय लेने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में जल निकासी परियोजनाओं की वैज्ञानिक योजना तैयार करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और नागरिकों को अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाएगी। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा नगर निगम का लक्ष्य अत्याधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली के माध्यम से शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। इस पहल से गुरुग्राम में मानसून प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी और शहर को स्मार्ट, सुरक्षित तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।