यमुना नदी में अवैध खनन पर NGT हुई सख्त, DC को दिए मौके पर जाकर जांच कराने निर्देश

punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2020 - 05:00 PM (IST)

यमुनानगर(सुरेंद्र मेहता): खनन माफिया द्वारा यमुना का सीना चीर कर किया जाता रहा है अवैध खनन। बार-बार शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती थी लेकिन अब एन जी टी ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। अवैध खनन और नियमों के विरुद्ध खनन एवं यमुना की जल धारा को प्रभावित करने के आरोपों की जांच के लिए यमुना सेवा समिति के अध्यक्ष किरण पाल राणा की अपील पर एनजीटी कोर्ट ने यमुनानगर के उपायुक्त व शामली के उपायुक्त को जांच कर कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए हैं।  यमुनानगर जिला खनन का हब माना जाता है। यहां खनन के लिए कई स्थान निर्धारित हैं। इन निर्धारित किए गए स्थानों में सरकार के नियमों के मुताबिक 3 मीटर की गहराई तक खनन किया जा सकता है लेकिन खनन के ठेकेदार यहां 50-50 फुट गहराई तक खुदाई करके यमुना का सीना चीरते रहे हैं।

फिलहाल यमुना में वैध और अवैध खनन नहीं हो रहा। क्योंकि बरसातों के मौसम के चलते सरकार के नियम मुताबिक 1 जुलाई से 15 सितंबर तक यमुना में खनन पर प्रतिबंध रहता है। इसके अलावा बाकी के 9 महीने यमुना में अवैध खनन चरम सीमा पर रहता है।यमुनानगर के अलग-अलग इलाकों में खनन की नीलामी होती है जिसके लिए हर वर्ष करोड़ों रुपए सरकार को प्राप्त होते हैं। लेकिन खनन माफिया इन खनन ठेकेदारों से सांठगांठ करके नियमों के विरुद्ध खनन करके करोड़ों रुपए कमाते हैं। वैसे तो यमुना के किनारों के आसपास खनन नहीं हो सकता। लेकिन खनन ठेकेदार अधिकारियों से मिलीभगत करके वहां भी खनन करने से बाज नहीं आते।

यमुनानगर के छछरौली, गुमथला, जठलाना आदि इलाकों में ठेके मिलने के बाद खनन ठेकेदारों ने अवैध रूप से खनन किया है। सरकारी नियमों को धता बताते हुए इन ठेकेदारों ने यमुना का सीना चीरते हुए नियमों के विरुद्ध कई कई फुट गहराई तक खनन किया है। ।लगातार अवैध खनन का विरोध करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता वरयाम सिंह एडवोकेट का कहना है कि अवैध खनन का खेल अधिकारियों की मिलीभगत से होता है। वरयाम सिंह एडवोकेट का कहना है कि यमुना के बीचो बीच बांध बनाया है जो गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी जांच करने आए थे ,चाय पकौड़ा खाकर चले गए थे। यह बांध अधिकारियों को नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि यमुना में अधिक पानी आने से इस बांध के कारण यमुना के साथ लगते इलाकों में बाढ़ का खतरा हो जाएगा ।उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई होनी चाहिए।

यमुनानगर के उपायुक्त मुकुल कुमार  का कहना है कि एनजीटी कोर्ट ने 3 महीने में अवैध खनन मामले में मौके पर जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में सिंचाई विभाग, माइनिंग विभाग एवं पॉल्यूशन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। उन्होंने जानकारी दी कि सिंचाई विभाग एवं माइनिंग विभाग द्वारा यमुना का प्रति सप्ताह दौरा किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोई गैर कानूनी बांध बना है तो उसका पता लगा कर  कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  यमुना में इस तरह के बांध खनन ठेकेदारों द्वारा हर बार बनाए जाते हैं जिसे यमुना की जलधारा प्रभावित होती है। पिछले साल तो इन ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुए थे लेकिन कार्रवाई आगे कुछ नहीं हुई ।अब देखना होगा इस बार प्रशासन आपने रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट में क्या दाखिल करता है और ऐसे बांध बनाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।


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Isha

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