HC की सख्त टिप्पणी: परीक्षा में 'मुन्नाभाई' बैठाने वाले को राहत नहीं, सच उगलवाने के लिए पुलिस कस्टडी जरूरी!

punjabkesari.in Thursday, Jun 25, 2026 - 10:47 AM (IST)

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दसवीं कक्षा की परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने के मामले में एक आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी। अदालत ने कहा कि सच्चाई और साजिश का पता लगाने के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

न्यायालय ने माना कि जांच एजेंसियों को पूरे नेटवर्क और साजिश की जांच का अवसर मिलना चाहिए। यह मामला दसवीं कक्षा की परीक्षा से जुड़ा है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को एक छात्रा पर संदेह हुआ। पूछताछ में पता चला कि परीक्षा दे रही लड़की

वास्तविक छात्रा नहीं थी बल्कि किसी और की जगह बैठी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि याचिकाकर्ता ने एक व्यक्ति के जरिये फर्जी परीक्षार्थी की व्यवस्था की थी। सह-आरोपी के बयान में उसका नाम आया। आरोपी द्वारा 4,000 रुपये के बैंक लेनदेन का रिकॉर्ड भी मिला। याचिकाकर्ता ने खुद को बेगुनाह बताया। उसने कहा कि उसका छात्रा या प्रतिरूपण साजिश से कोई संबंध नहीं है। हाई कोर्ट ने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल एक व्यक्ति की भूमिका तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य फर्जी उम्मीदवार बैठाने की पूरी व्यवस्था व इसमें शामिल लोगों का पता लगाना है। 


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Content Writer

Isha

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