ठगों ने 10 दिन तक बुजुर्ग दंपत्ति को किया डिजिटल अरेस्ट, 51 लाख ट्रांसफर कराए
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 10:16 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): पॉश इलाके सेक्टर-47 में एक बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 51 लाख 15 हजार रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपराधियों ने 69 वर्षीय महिला और उनके 72 वर्षीय पति को करीब 10 दिनों तक उनके ही घर पर 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपियों ने डरा-धमकाकर उनकी पूरी रिटायरमेंट सेविंग्स विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। साइबर थाना ईस्ट पुलिस ने बुजुर्ग महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के मुताबिक, मीडिया हाउस सोसाइटी की रहने वाली 69 वर्षीय निशा कुमारी और उनके पति 72 वर्षीय नरेंद्र कुमार के लिए क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां किसी डरावने सपने जैसी साबित हुई। निशा कुमार ने पुलिस को बताया कि 24 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आया, जिसमें उन्हें किसी कानूनी मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद शुरू हुआ डिजिटल अरेस्ट का सिलसिला, जो तीन जनवरी 2026 तक चला।
पीड़ित दंपति के अनुसार, ठगों ने उन्हें इस कदर डरा दिया था कि वे अपने ही घर में कैद होकर रह गए। आरोपियों ने उनके फोन को सर्विलांस पर ले लिया और स्काइप या व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए उन्हें निरंतर निगरानी में रखा। उन्हें किसी से भी बात करने या घर से बाहर निकलने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। इस मानसिक दबाव के कारण बुजुर्ग दंपति किसी को अपनी आपबीती नहीं बता सके।
जब दंपति पूरी तरह आरोपियों के मानसिक चंगुल में फंस गए, तो ठगों ने उनसे पैसों की मांग शुरू कर दी। आरोपियों ने उन्हें सरकारी जांच और संपत्ति जब्ती से बचने के नाम पर पैसे जमा करने को कहा। दबाव में आकर पीड़ितों ने अपने बैंक खातों से आरटीजीएस के जरिए कुल 51 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। पीड़ित ने 30 दिसंबर को दो अलग-अलग खातों से 13.48 लाख रुपए और 12.96 लाख रुपए भेजे गए। दो जनवरी को एसबीआई खाते से 21.88 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। तीन जनवरी को अंतिम किस्त के रूप में 2.83 लाख रुपए ठगों के बताए खाते में डाले गए।
ठगी को असली दिखाने के लिए अपराधियों ने शातिर तरीका अपनाया। उन्होंने दंपति को व्हाट्सऐप पर फर्जी गोपनीयता समझौता, फर्जी अरेस्ट वारंट और संपत्ति जब्ती आदेश भेजे गए। यहां तक कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नाम पर फर्जी पत्र भी जारी किए गए, ताकि पीड़ितों को लगे कि यह कार्यवाही वास्तव में सरकार की ओर से की जा रही है।
दंपति ने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी खोने के बाद साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है। बुजुर्गों ने पुलिस से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे अकेले रहते हैं और इस घटना ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।