2 अक्टूबर को देशभर की ग्राम सभाओं में पहली बार बच्चों के अधिकारों पर ऐतिहासिक संकल्प, सुनील जागलान के सिरसा अभियान पर अब केंद्र सरकार की मोहर
punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 07:46 PM (IST)
सिरसा : 2 अक्टूबर 2026 को देश की ग्राम पंचायतों में पहली बार बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को केंद्र में रखकर विशेष ग्राम सभाएं होंगी। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर इन सभाओं में ‘बाल विवाह मुक्त गांव’ का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक निर्णय उन प्रयासों का सीधा परिणाम है, जिन्हें बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता सुनील जागलान ने सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के साथ सिरसा से शुरू किया था।
सुनील जागलान ने सिरसा की पंचायतों का गहन ग्राउंड सर्वेक्षण कराया। रिपोर्ट में चौंकाने वाला सच सामने आया कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में बाल संरक्षण समितियां या तो निष्क्रिय थीं या मौजूद ही नहीं थीं। पंचायतें बच्चों की सुरक्षा के लिए तैयार नहीं थीं।
इसी कमी को दूर करने के लिए सुनील जागलान ने ‘बाल सुरक्षित ग्राम’ और बाल हितैषी पंचायत बनाने का अभियान छेड़ा। रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंपते हुए उन्होंने हर गांव में सक्रिय बाल संरक्षण समितियां गठित करने, विवाह रजिस्टर रखने और बच्चों की सुरक्षा की ठोस व्यवस्था खड़ी करने की मांग की।

बाल आज़ादी अभियान के अंतर्गत कॉलेज से लेकर पंचायत तक ‘टीम लाडो’ का गठन किया गया है। ये टीमें गांव-गांव जाकर बाल विवाह की पहचान कर रही हैं, लोगों को जागरूक कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप कर रही हैं। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के माध्यम से बच्चों की आवाज़ को हर स्तर पर बुलंद किया जा रहा है। सुनील जागलान का जोर है कि 2 अक्टूबर सिर्फ कागजी संकल्प का दिन न बने, बल्कि हर गांव में बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार हो।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार हरियाणा में 12.5 प्रतिशत और सिरसा में करीब 9 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 वर्ष से पहले हो जाती है। सुनील जागलान वर्षों से सेल्फी विद डॉटर, बेटी के नाम की नेमप्लेट, पीरियड चार्ट, गाली बंद घर और लाडो पंचायत जैसे अभियानों के जरिए समाज को बदल रहे हैं। इन प्रयासों ने राष्ट्रीय नीतियों को प्रभावित किया।

अब केंद्र सरकार ने पूरे देश की ग्राम पंचायतों को 2 अक्टूबर को बाल विवाह मुक्त गांव का प्रस्ताव पारित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रस्ताव के बाद बाल विवाह निषेध अधिकारी सत्यापन करेंगे और बीडीओ, सरपंच, पंचायत सचिव तथा अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ प्रमाणपत्र जारी होगा।
सुनील जागलान 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं पर पूरी नजर रखेंगे कि कौन-सी पंचायतें वास्तव में बाल सुरक्षित और बाल हितैषी बनने का संकल्प लेती हैं। सिरसा से शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे देश के लिए मिसाल बन चुका है।
गौरतलब है कि सुनील जागलान हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच रहे हैं। उनके अभियानों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर राष्ट्रपति तक ने कई बार सराहना की है। आज वे सिरसा में बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सक्रिय हैं और उनका संघर्ष राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जा चुका है।
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