एक फोन कॉल ने बचाई 15 बच्चों की जिंदगी, बाल तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़...पंजाब और हिमाचल ले जाए जा रहे थे मासूम

punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 03:54 PM (IST)

अंबाला: बच्चों को मजदूरी के लिए पंजाब, अंबाला और हिमाचल प्रदेश ले जाए जाने के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। सूचना के आधार पर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर देर रात चलाए गए विशेष अभियान में 15 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चों को फैक्ट्रियों में लंबे समय तक काम कराने के लिए भेजा जा रहा था और उन्हें एडवांस रकम व मोटी तनख्वाह का लालच दिया गया था।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब जस्ट राइट फार चिल्ड्रन अलायंस के टोल फ्री नंबर पर सूचना मिली। सूचना जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला को दी गई, जिसमें बताया गया कि ट्रेन संख्या 15211 जननायक एक्सप्रेस के माध्यम से बच्चों को अलग-अलग राज्यों में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। ट्रेन देरी से पहुंचने के कारण संयुक्त टीम ने रात करीब 11 बजे रेलवे स्टेशन पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया।

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब, अंबाला और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। इनमें से चार बच्चों को अंबाला की एक फाइबर फैक्ट्री में धागा बनाने के कुछ बच्चों को जालंधर की एक जीरा फैक्ट्री में भेजा जा रहा था, जहां दो हजार एडवांस और 12 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। यह भी सामने आया कि बच्चों से सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक काम करवाना था। रेस्क्यू के बाद बच्चों की काउंसिलिंग की गई और उनकी सुरक्षा व मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया। 

डीडीआर और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति अंवाला की चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के सामने पेश किया गया। रेस्क्यू में आरपीएफ से एसआइ कविता, एएसआइ संजीव कुमार व उनकी टीम, मानव तस्करी निरोधक इकाई से एचसी जसविंदर सिंह तथा जिला युवा विकास संगठन की ओर से मुख्य सलाहकार डा. अमित, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी, हरविंदर सिंह हुंडल, रूवल, हरदीप सिंह नड़ियाली और ला इंटर्न माधव चोपड़ा मौजूद रहे।


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Content Writer

Isha

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