HC का बड़ा फैसला: कर्मचारी की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश किया रद्द, बोलेृ मिलेंगे सभी लाभ
punjabkesari.in Thursday, May 28, 2026 - 02:53 PM (IST)
चंडीगढ़ (मेनपाल कश्यप): पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय (PHHC) ने सरकारी सेवा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ता कर्मचारी बसेशर सिंह के पक्ष में निर्णय दिया है। अदालत ने सक्षम प्राधिकारी द्वारा साल 2013 में जारी किए गए अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को पूरी तरह से अवैध और कानून की नजर में गलत ठहराया है।
हाईकोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु
कोर्ट ने पाया कि दिनांक 17.09.2013 को जारी किया गया वह आदेश, जिसके तहत याचिकाकर्ता को 50 वर्ष की आयु पूरी होने पर 'जनहित' का हवाला देकर समय से पहले (Compulsory Retirement) सेवानिवृत्त कर दिया गया था, वह पूरी तरह त्रुटिपूर्ण, अवैध और अनुचित है। अदालत ने इसे तुरंत प्रभाव से निरस्त (Quash) कर दिया है।
इन नियमों के तहत हुई कार्रवाई
यह आदेश पंजाब सिविल सेवा नियम (खंड-II) के नियम 5.32ए(सी) और नियम 3.26(घ)(i) के तहत जारी किया गया था (जो हरियाणा राज्य पर लागू होते हैं)। अदालत ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को सेवामुक्त रहने की अवधि (जब वह नौकरी से बाहर रहा) का नकद वेतन नहीं मिलेगा, लेकिन उसे काल्पनिक वरिष्ठता (Notional Seniority), सेवानिवृत्ति तक का वेतन निर्धारण (Pay Fixation), पेंशन निर्धारण और पेंशन का बकाया (Arrears of Pension) सहित सभी परिणामी लाभ दिए जाएंगे। इस मुख्य फैसले के साथ ही इस मामले से जुड़ी अन्य सभी लंबित दीवानी विविध एप्लीकेशन (Civil Miscellaneous Applications) को भी अदालत ने डिस्पोज (निपटा) कर दिया है।