24 साल के होनहार खिलाड़ी का कनाडा में निधन, आखिरी बार चेहरा भी नहीं देख पाए माता-पिता...वहीं दी गई मुखाग्नि!

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 02:51 PM (IST)

कैथल:  हरियाणा के चूहड़माजरा गांव के एक होनहार और युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी की विदेश में असामयिक मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। कई राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी टीम को जीत दिलाने वाले 24 वर्षीय राकेश कुमार का कनाडा में दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से निधन हो गया। कानूनी औपचारिकताओं और लंबी प्रक्रिया के कारण उनका पार्थिव शरीर भारत नहीं लाया जा सका, जिसके चलते निधन के 12 दिन बाद कनाडा में ही उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा।

पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की थी इच्छा, पर कानून बना बाधा
राकेश के चाचा कृष्ण कुमार ने अत्यंत दुखी मन से बताया कि परिवार की पहली और प्रबल इच्छा यही थी कि उनके लाडले का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में ही किया जाए। माता-पिता अपने बेटे के अंतिम दर्शन करना चाहते थे। लेकिन जब कानूनी प्रक्रिया की जानकारी ली गई, तो पता चला कि कनाडा से शव को भारत भेजने की सभी औपचारिकताओं को पूरा होने में करीब 40 से 45 दिन का समय लग सकता था। इतने लंबे इंतजार और व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए, भारी मन से कनाडा में ही अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया गया।

कनाडा की नागरिकता ले चुके थे दोनों भाई, माता-पिता गांव में ही करते हैं खेती
मृतक राकेश कुमार और उनके बड़े भाई साहिल कनाडा में रहकर वहां की नागरिकता (Citizenship) प्राप्त कर चुके थे और वहीं पर सैटल थे। हालांकि, उनके माता-पिता आज भी अपने मूल गांव चूहड़माजरा में ही रहते हैं और साधारण तरीके से खेती-बाड़ी का काम करते हैं। बेटे की मौत की खबर के बाद से ही माता-पिता और पूरे गांव का रो-रोकर बुरा हाल है।

अब अस्थियां लेकर गांव पहुंचेंगे भाई
कनाडा में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद, अब राकेश के बड़े भाई साहिल और उनके चचेरे भाई रोहित अपने भाई की अस्थियां (Ashes) लेकर वापस अपने पैतृक गांव चूहड़माजरा पहुंचेंगे। गांव में ही उनकी आत्मिक शांति के लिए आगे की धार्मिक रस्में और शोक सभा आयोजित की जाएगी।


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Content Writer

Isha

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