P.U. को बनाया जा सकता है Central University, खत्म होगी हरियाणा-पंजाब की हिस्सेदारी की लड़ाई

punjabkesari.in Wednesday, Jun 01, 2022 - 08:25 PM (IST)

चंडीगढ़(धरणी): पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा के हक की लड़ाई लड़ रहे विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उस निर्णय पर खुशी जताई, जिसमें पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए केंद्र सरकार से जवाब मांगा गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय को निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार को इसे लेकर 30 अगस्त 2022 से पहले जवाब देना होगा। विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने इस फैसले को हरियाणा के लिए हितकारी बताते हुए हाईकोर्ट का आभार व्यक्त किया है। 

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में ‘डॉ. संगीता भल्ला बनाम पंजाब राज्य और अन्य’ केस में पंजाब विश्वविद्यालय के अधिकार को लेकर लंबी बहस हुई। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ द्वारा विशेष रूप से नियंत्रित, विनियमित और शासित विश्वविद्यालय है। अंतर्राज्यीय निकाय के रूप में विश्वविद्यालय का चरित्र पहले से ही समाप्त हो चुका है। चंडीगढ़ की भागीदारी मात्र से इसे अंतर्राज्यीय निकाय नहीं बनाया जा सकता। 

हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय से मांगा जवाब

जस्टिस राजबीर सहरावत की अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि विश्वविद्यालय में अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सुधार किया जाना चाहिए। अदालत ने शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय और उसके संबद्ध कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की शिकायतों का समाधान किया जाना चाहिए। अदालत ने माना है कि सभी अस्पष्टताओं को दूर करने और विश्वविद्यालय के मामलों से संबंधित सभी क्षेत्रों में व्याप्त भ्रम को दूर करने के लिए इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप से परिवर्तित करने पर विचार करना होगा। इसलिए केंद्र सरकार को गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से पंजाब विश्वविद्यालय के रूपांतरण के मुद्दे पर विचार करने का निर्देश दिया जा रहा है।

पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा के हक की लड़ाई लड रहे विस अध्यक्ष

गौरतलब है कि विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता की मांग रही है कि पीयू में पंचकूला समेत हरियाणा के निकटवर्ती जिलों के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पंजाब की तर्ज पर दाखिले में कोटा मिलना चाहिए।  बीती 6 मई को देश के उपराष्ट्रपति एवं पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति एम. वेंकैया नायडू चंडीगढ़ आए थे। तब भी विस अध्यक्ष ने उनके सामने हरियाणा के लिए नई विधान सभा और पंजाब विश्वविद्यालय में हिस्सा दिलवाने की मांग की थी। उप-राष्ट्रपति ने दोनों मांगों पर सहमति जताई थी। इससे पहले 2017 में गुप्ता इस मामले को तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सम्मुख उठा चुके हैं। इतना ही नहीं वे उपराष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं।  

पंचकूला के कॉलेजों को विश्वविद्यालय से जोड़ने की उठा चुके मांग

विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता पंजाब विश्वविद्यालय की मूल स्थिति और हरियाणा के हिस्से की बहाली की मांग कर रहे हैं। पंचकूला जिला के छात्र-छात्राओं की मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि जिले के सभी कॉलेजों को पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध करना चाहिए। ऐसा नहीं होने के कारण इन युवाओं का हक मारा जा रहा है। गुप्ता ने कहा कि पंचकूला जिले के कॉलेजों को इस विश्वविद्यालय के साथ जोड़ने से उन्हें 85 फीसदी कोटे के तहत दाखिला मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा-पंजाब के बंटवारे के वक्त भी विश्वविद्यालय में दोनों प्रदेशों को 40:60 का हिस्सा देने का प्रावधान हुआ था। इसलिए 100 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले अंबाला और यमुनानगर के कॉलेजों को भी इस विश्वविद्यालय के साथ जोड़ने पर विचार करना चाहिए। 

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Content Writer

Vivek Rai

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