मैं सड़क का आदमी हूं, मेरे जैसे साधारण व्यक्ति पर राहुल गांधी ने भरोसा जताया है: कर्मवीर बोध
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 03:52 PM (IST)
चंडीगढ़ (धरणी) : कांग्रेस द्वारा राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कर्मवीर बोध ने अपनी प्राथमिकताओं, प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि पूरे समाज की सेवा करना है। उन्होंने प्रदेश में ब्यूरोक्रेट्स की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी चिंता जताई और सरकार से दिवंगत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के परिवार को न्याय देने की मांग की। प्रस्तुत है उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
प्रश्न: आपको कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। इस पर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या है?
उत्तर: सबसे पहले मैं कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। उन्होंने मुझ पर जो भरोसा जताया है, वह मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैं विशेष रूप से राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा और रणदीप सिंह हुड्डा का धन्यवाद करता हूं। यह उनके विश्वास का परिणाम है कि मुझे इतना बड़ा अवसर मिला है। मैं पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी को निभाने का प्रयास करूंगा।
प्रश्न: पिछले दो राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस की हार देखते हुए क्या यह जोखिम नहीं है।
उत्तर: वह जमाना चला गया,जब गड़बड़ होती रही।नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा की कोठी पर एकत्रित 37 के 37,0विधायक मेरा नामांकन करवाने गए।वोट की गड़बड़ नहीं होने दी जाएगी।किसी प्रकार का कोई खेल न हो पर हमारी निगाह है।
प्रश्न:चर्चा है राज्यसभा चुनावों में खर्चा बहुत होता है।
उत्तर: मैं सड़क का आदमी हूं,मेरे जैसे साधारण व्यक्ति पर राहुल गांधी ने भरोसा जताया है।सारा जीवन मै व मेरी पत्नी सरकारी अधिकारी रहे हैं व गरीबों के लिए काम किया है।चर्चा का क्या कुछ भी हो सकती है।
प्रश्न: कहा जा रहा है कि आपने टिकट के लिए किसी नेता के पास जाकर प्रयास नहीं किया। यह कितना सही है?
उत्तर: यह बिल्कुल सही है। मैंने कभी भी टिकट के लिए किसी नेता के चक्कर नहीं काटे। मेरा मानना है कि अगर पार्टी को लगता है कि कोई व्यक्ति जिम्मेदारी निभाने के योग्य है तो वह खुद ही उसे अवसर देती है। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पार्टी नेतृत्व ने मेरे काम और सोच को देखते हुए मुझे यह जिम्मेदारी दी है। इसलिए मैं इसे अपने लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी मानता हूं।
प्रश्न: राज्यसभा में जाने के बाद आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
उत्तर: मेरी पहली प्राथमिकता यह होगी कि मैं प्रदेश और देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से संसद में उठाऊं। समाज के हर वर्ग की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए आवाज उठाना मेरा कर्तव्य होगा। मैं यह मानता हूं कि सांसद का दायित्व केवल किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं होता, बल्कि पूरे समाज के लिए काम करना होता है। इसलिए मेरे पास कोई भी व्यक्ति आएगा तो मैं बिना किसी भेदभाव के उसकी बात सुनूंगा और उसके लिए प्रयास करूंगा।
प्रश्न: आपने कहा कि प्रदेश में ब्यूरोक्रेट सुरक्षित नहीं हैं। ऐसा क्यों महसूस करते हैं?
उत्तर: पिछले कुछ समय में जो घटनाएं सामने आई हैं, उनसे यह चिंता पैदा होती है कि प्रशासनिक अधिकारी खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। किसी भी राज्य के सुचारू संचालन के लिए जरूरी है कि ब्यूरोक्रेसी को सम्मान और सुरक्षा मिले। अगर अधिकारी ही असुरक्षित महसूस करेंगे तो प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी। इसलिए सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिसमें अधिकारी निडर होकर काम कर सकें।
प्रश्न: आपने दिवंगत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के परिवार को नौकरी देने की मांग की है। इसके पीछे आपकी क्या सोच है?
उत्तर: मेरी सोच बहुत स्पष्ट है। अगर किसी पुलिसकर्मी के आत्महत्या करने के बाद उसकी बेटी को गजेटेड पोस्ट पर नियुक्त किया जा सकता है, तो फिर एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के बच्चों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जाए। यह सवाल केवल एक परिवार का नहीं बल्कि न्याय और समानता का है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए दिवंगत अधिकारी की बेटी को सरकारी नौकरी देनी चाहिए। इससे परिवार को सहारा मिलेगा और यह संदेश भी जाएगा कि सरकार अपने अधिकारियों के साथ खड़ी है।
प्रश्न: क्या इस मुद्दे से आपका व्यक्तिगत संबंध भी है?
उत्तर: हां, मैं यह बात खुलकर कहता हूं कि आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार और उनके दिवंगत आईपीएस पति के साथ मेरे पारिवारिक संबंध रहे हैं। लेकिन मेरी यह मांग केवल व्यक्तिगत संबंधों के कारण नहीं है। यह एक मानवीय और न्यायसंगत मुद्दा है। जब किसी परिवार पर ऐसी दुखद परिस्थिति आती है तो समाज और सरकार दोनों का कर्तव्य बनता है कि वह उनके साथ खड़े हों।
प्रश्न: विपक्ष अक्सर कहता है कि राजनीति में जाति और वर्ग के आधार पर काम होता है। इस पर आपका क्या कहना है?
उत्तर: मैं इस सोच से बिल्कुल सहमत नहीं हूं। मेरा मानना है कि राजनीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, बांटना नहीं। मैं सभी समाज के लोगों को एक समान मानता हूं। अगर मुझे राज्यसभा में जाने का अवसर मिलता है तो मैं हर वर्ग के लोगों के लिए समान रूप से काम करूंगा। कोई भी व्यक्ति मेरे पास आएगा तो मैं उसकी समस्या को बिना किसी भेदभाव के सुनूंगा और समाधान के लिए प्रयास करूंगा।
प्रश्न: कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर: कांग्रेस एक विचारधारा की पार्टी है और उसके कार्यकर्ता उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। मैं सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हमेशा पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का काम किया है। मेरा प्रयास रहेगा कि संगठन और मजबूत हो और हम मिलकर जनता की आवाज को मजबूती से उठाएं।
प्रश्न: वर्तमान राजनीतिक माहौल में कांग्रेस की भूमिका को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: आज देश में मजबूत विपक्ष की जरूरत है। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सरकार के साथ-साथ विपक्ष भी सक्रिय और जिम्मेदार हो। कांग्रेस हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करती आई है। हमें जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहना चाहिए और यही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
प्रश्न: अंत में जनता के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर: मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि राजनीति सेवा का माध्यम है। अगर मुझे राज्यसभा में जाने का अवसर मिलता है तो मैं पूरी ईमानदारी से जनता के हितों के लिए काम करूंगा। मेरा दरवाजा सभी के लिए खुला रहेगा और मैं बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति की बात सुनने और उसके समाधान के लिए प्रयास करने की कोशिश करूंगा।