बाजरे की सरकारी खरीद में कटौती किसानों से कुठाराघात : सुरजेवाला

8/28/2021 8:11:18 AM

चंडीगढ़ : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार द्वारा पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत कम यानी सवा छह लाख मीट्रिक टन बाजरा कम खरीदने की घोषणा से किसानों को निजी हाथों में बेचने के भाजपाई कुत्सित इरादे सार्वजनिक हो गए हैं। यह कटौती किसानों से सीधा कुठाराघात है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।  

सुरजेवाला ने कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा द्वारा हरियाणा विधानसभा में पूछे प्रश्न पर सरकार के जवाब को हवाला देते हुए बताया कि पिछले साल प्रदेश सरकार ने हरियाणा में 7,76,909 मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की थी, लेकिन इस साल के लिए लक्ष्य केवल डेढ़ लाख मीट्रिक टन का रखा गया है। अगर ऐसा होता है तो सवा छह लाख मीट्रिक टन बाजरा का उत्पादन करने वाले किसान कहां जाएंगे, उनके बाजरे को कौन खरीदेगा। सुरजेवाला ने कहा कि बाजरा हरियाणा के भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, झज्जर, महेंद्रगढ़, मेवात, पलवल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा आदि जिलों में बोई जाने वाली एक प्रमुख फसल है, जिसकी खरीद में कटौती से किसानों को निजी हाथों में अपनी फसल ओने-पौने दामों में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा और उन्हें बड़ी आर्थिक चोट लगेगी।

भावांतर योजना केवल खोखली और कागजी साबित हो रही
सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में भावांतर योजना केवल खोखली और कागजी योजना साबित हो रही है, जिससे किसानों को कोई लाभ नहीं हो रहा है, इसलिए भावांतर योजना का नाम लेकर सरकार बाजरा खरीदने की जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। अब जब किसान पिछले 9 महीने से आंदोलनरत हैं तब भी यदि सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है और हर रोज नया कुठाराघात कर रही तो इस सरकार के असली इरादों का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। निजी कंपनियों के हाथ की कठपुतली बन चुकी भाजपा-जजपा सरकार किसान व किसानी को समाप्त करने पर तुली है। सुर्जेवाला ने कहा कि अहंकार में चूर सरकार बार-बार किसानों के खिलाफ नए-नए कानून बना रही है।

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Content Writer

Manisha rana