दिल्ली की हवा में घुलेगी राहत: 99 लाख टन कचरा साफ, 15 अक्टूबर तक गायब हो जाएगा भलस्वा का ''कचरा पर्वत''
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 08:01 AM (IST)
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली की भलस्वा लैंडफिल साइट का विस्तृत निरीक्षण कर वहां चल रहे सफाई अभियान, लेगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग और पुनर्स्थापन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कूड़े के इस विशाल पहाड़ को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी कार्य मिशन मोड में पूरे किए जाएं तथा वैज्ञानिक मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहरों के निर्माण का अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के समन्वित प्रयासों से भलस्वा लैंडफिल साइट को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
वैज्ञानिक तकनीकों से हो रही लेगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री को बताया गया कि वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से की जा रही है। इसके तहत पुराने कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर उपयोगी सामग्री को पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए भेजा जा रहा है, जबकि शेष अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है।
इसके साथ ही साइट के पुनर्स्थापन (रीक्लेमेशन) का कार्य भी समानांतर रूप से चल रहा है, ताकि भविष्य में इस भूमि का पर्यावरण के अनुकूल उपयोग किया जा सके।
पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता
मनोहर लाल ने कहा कि पूरे अभियान में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कचरा निस्तारण के दौरान धूल नियंत्रण, दुर्गंध कम करने, लीचेट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल कचरे का निस्तारण नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले लाखों नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना भी है। इससे जनस्वास्थ्य, वायु गुणवत्ता, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा।

99 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरे का हो चुका निस्तारण
अधिकारियों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक भलस्वा लैंडफिल साइट से 99.07 लाख मीट्रिक टन पुराने (लेगेसी) कचरे का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह राजधानी के सबसे बड़े स्वच्छता अभियानों में से एक माना जा रहा है।
सरकार ने शेष लेगेसी वेस्ट को 15 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं मार्च 2026 तक जमा हुए कुल कचरे का निस्तारण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने की योजना बनाई गई है।
ताजा कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी जोर
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने कचरे के साथ-साथ प्रतिदिन आने वाले ताजा कचरे का भी वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में दोबारा लैंडफिल का पहाड़ खड़ा न हो।
उन्होंने नए टेंडर से जुड़े कार्यों में तेजी लाने, मशीनरी की क्षमता बढ़ाने और परियोजना की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए, जिससे निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लक्ष्य हासिल किए जा सकें।
स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम
मनोहर लाल ने कहा कि भलस्वा लैंडफिल साइट का समापन केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और दिल्ली सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह लक्ष्य तय समयसीमा में पूरा कर लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के मूल उद्देश्य को साकार करते हुए राजधानी में आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे भविष्य में कचरा प्रबंधन अधिक प्रभावी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बन सकेगा।