Haryana में बढ़ा 'स्वाइन फ्लू' का खतरा; इस जिले में अब तक 21 मामले आए सामने...स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी

punjabkesari.in Sunday, Aug 23, 2026 - 08:13 PM (IST)

 चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): दिल्ली-NCR में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बदलते मौसम और मानसून के बीच राज्य के लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाने और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा है।

गुरुग्राम में अगस्त में सात मामले, जनवरी से अब तक 21
हरियाणा के गुरुग्राम में एच1एन1 संक्रमण के मामलों में अगस्त के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में अब तक सात एच1एन1 मामले सामने आए हैं, जो वर्ष 2026 में किसी एक महीने में सबसे अधिक हैं। जनवरी से अगस्त तक गुरुग्राम में कुल 21 एच1एन1 मामले दर्ज किए गए हैं।

गुरुग्राम में जनवरी, मार्च, जून और जुलाई में तीन-तीन मामले, फरवरी में दो मामले सामने आए थे, जबकि अप्रैल और मई में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था। अगस्त में सात मामलों के साथ संक्रमण का मासिक आंकड़ा इस वर्ष के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान नमी और बदलता मौसम इन्फ्लुएंजा वायरस के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अभी इन आंकड़ों के आधार पर लंबे समय तक चलने वाली संक्रमण की लहर की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों को लेकर लोगों को जागरूक किया है। इनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या नाक बंद होना, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, सांस लेने में परेशानी, कमजोरी, भूख कम लगना, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त शामिल हैं।
विभाग ने कहा है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक न पहुंचे। साथ ही चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच और उपचार करवाने की सलाह दी गई है।

खांसते-छींकते समय मुंह ढकने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते और छींकते समय रूमाल या कपड़े से मुंह और नाक ढकने, बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की है। पौष्टिक भोजन लेने और पर्याप्त नींद लेने पर भी जोर दिया गया है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए हाथ मिलाने समेत शारीरिक संपर्क वाले अभिवादन से बचने तथा सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की सलाह दी गई है।

दिल्ली के आंकड़ों का हरियाणा पर असर
दिल्ली में इस साल एच1एन1 के मामले 1,777 तक पहुंच चुके हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर में संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ी है। 20 अगस्त को ही दिल्ली में 114 नए एच1एन1 मामले दर्ज किए गए थे।

दिल्ली के मुकाबले हरियाणा में उपलब्ध आंकड़े फिलहाल काफी कम हैं, लेकिन गुरुग्राम जैसे एनसीआर जिले में अगस्त में मामलों की बढ़ोतरी को स्वास्थ्य विभाग के लिए निगरानी का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। फरीदाबाद और गुरुग्राम के अस्पतालों में भी बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसे फ्लू संबंधी लक्षणों वाले मरीजों में वृद्धि की जानकारी सामने आई है।

गंभीर लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि एच1एन1 के लक्षण अन्य मौसमी फ्लू से काफी मिलते-जुलते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर संक्रमण की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक जांच जरूरी है। लगातार या बढ़ता बुखार, सांस लेने में परेशानी अथवा ऑक्सीजन स्तर गिरने जैसी स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है।

दिल्ली के आंकड़े: 2026 में अब तक 1,777 एच1एन1 मामले। हरियाणा के उपलब्ध गुरुग्राम आंकड़े: जनवरी-अगस्त 2026 में 21 मामले, जिनमें अकेले अगस्त में 7 मामले।

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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के डीजीएचएस डॉक्टर मनीष बंसल का कहना है कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग एच1एन1को लेकर पूर्ण सतर्क है।इसमें मरीजों को दो दिन घर विश्राम करने के सलाह दी गई है। साथ ही तबियत ठीक महसूस न करने पर तीसरे दिन हस्पताल में चेकअप करवानी चाहिए। जिन मरीजों को डायबिटिक है या क्रोनिक डिजीज हैं उन्हें ज्यादा सावधानी की जरूरत है। हरियाणा सरकार ने इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।

डीजी एचएस मनीष बंसल के अनुसार स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, कमजोरी एवं भूख कम लगना, जी मिचलाना, उल्टी तथा दस्त शामिल हैं। बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण हों तो सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाए रखें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके। संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

उन्होंने बताया कि नागरिकों से अपील की गई है कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल से ढकें। हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ पौष्टिक भोजन लें। पर्याप्त नींद लें एवं आराम करें। यदि बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण हों तो सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाए रखें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।

डी जी एच एस मनीष बंसल ने बताया कि विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार स्वाईन फ्लू से बचाव को लेकर लोगों को हाथ मिलाने अथवा अन्य संपर्क वाले अभिवादन से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां न लेने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर उचित जांच एवं उपचार करवाएं। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें और संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

 

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Content Editor

Krishan Rana

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