BJP राष्ट्रीय संगठन में बढ़ा संजय भाटिया का कद, नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्रियों की पहली बैठक में शामिल हुए हरियाणा के राज्यसभा सांसद
punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 09:22 AM (IST)
चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी): भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में हरियाणा से राज्यसभा सांसद एवं नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव संजय भाटिया की भूमिका अब और महत्वपूर्ण हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी संभालने के बाद भाजपा के शीर्ष संगठनात्मक नेतृत्व के साथ उनकी सक्रियता बढ़ी है। इसी क्रम में नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्रियों की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में संजय भाटिया ने भी भाग लिया और राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन करते हुए संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और बूथ स्तर तक संगठन को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। संजय भाटिया के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम रही क्योंकि राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर अब उन्हें केवल अपने प्रदेश तक सीमित भूमिका के बजाय राष्ट्रीय संगठन की रणनीति और विभिन्न राज्यों में पार्टी के अभियान को गति देने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का अभिनंदन, संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर चर्चा
बैठक की शुरुआत में सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्रियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का अभिनंदन किया और नई जिम्मेदारी के लिए उनके नेतृत्व में काम करने का संकल्प व्यक्त किया। संजय भाटिया ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन करते हुए पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
भाजपा में राष्ट्रीय महामंत्री का पद संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने, चुनावी राज्यों में संगठन की गतिविधियों को गति देने तथा पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में राष्ट्रीय महामंत्रियों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में संजय भाटिया की नियुक्ति उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर विशेष फोकस
बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की तैयारियों और चुनावी रोडमैप को लेकर नेताओं ने अपने विचार रखे।भाजपा का जोर चुनावी तैयारियों को केवल चुनाव के समय तेज करने के बजाय लंबे समय से संगठन को सक्रिय रखने पर है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता, मतदाता संपर्क, स्थानीय मुद्दों की पहचान और केंद्र एवं राज्य सरकारों की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने जैसे विषयों पर संगठनात्मक स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है।
राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संजय भाटिया के सामने भी विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने की चुनौती रहेगी। हरियाणा की राजनीति और संगठन में लंबे अनुभव के कारण जमीनी स्तर पर संगठन संचालन की उनकी समझ राष्ट्रीय जिम्मेदारी में उपयोगी साबित हो सकती है।
बीएल संतोष समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की मौजूदगी ने भी इसके महत्व को बढ़ाया। संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस विमर्श में नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्रियों ने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा की।
बैठक में स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े और सतीश पूनिया सहित अन्य नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री भी उपस्थित रहे। विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से जुड़े संगठनात्मक अनुभव रखने वाले इन नेताओं के बीच समन्वय को भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक समन्वय पर जोर
भाजपा नेतृत्व ने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। पार्टी की चुनावी सफलता में बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका को लगातार महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व का लक्ष्य संगठनात्मक ढांचे में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बूथ स्तर की गतिविधियों को और प्रभावी बनाना है।
संजय भाटिया के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने हरियाणा में संगठनात्मक राजनीति के विभिन्न स्तरों पर काम किया है। अब राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर उनके अनुभव का इस्तेमाल व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में किया जाएगा। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठनों के बीच संवाद बढ़ाना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हो सकता है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ की रूपरेखा पर भी विचार
बैठक में सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। भाजपा संगठन की गतिविधियों में सेवा कार्यों को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि संगठनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं का जनता के साथ सीधा संपर्क और मजबूत हो।
संजय भाटिया जैसे नेताओं के लिए यह अभियान संगठन और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने का माध्यम भी बन सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के सेवा कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में राष्ट्रीय महासचिवों की भूमिका अहम होगी।
हरियाणा से राष्ट्रीय संगठन तक बढ़ा कद
संजय भाटिया की राष्ट्रीय महासचिव पद पर नियुक्ति को हरियाणा के लिए भी महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं संगठनात्मक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। राज्यसभा सांसद के रूप में उनकी संसदीय भूमिका के साथ अब राष्ट्रीय संगठन की जिम्मेदारी जुड़ गई है। इससे राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता और प्रभाव दोनों बढ़ने की संभावना है।
पहली बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि नई टीम के सामने पार्टी संगठन को चुनावी मोर्चे पर और अधिक धार देने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने की जिम्मेदारी है। संजय भाटिया के लिए यह अवसर अपने संगठनात्मक अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का भी है।
आगामी विधानसभा चुनावों की चुनौती के बीच भाजपा का फोकस अब संगठन, रणनीति और बूथ प्रबंधन के त्रिकोण पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संजय भाटिया की भूमिका आने वाले समय में पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति में महत्वपूर्ण दिखाई दे सकती है।