हरियाणा में आयुष्मान योजना पर बड़ा संकट... IMA की इस दिन से सेवाएं बंद करने की चेतावनी; जानिए क्या है बड़ी वजह
punjabkesari.in Friday, Aug 28, 2026 - 02:32 PM (IST)
हरियाणा डेस्क : हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों को दावा भुगतान में हो रही लंबी देरी के कारण भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। भुगतान न मिलने से कई अस्पताल बंदी की कगार पर पहुंच गये हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हरियाणा की प्रधान डॉ सुनीला सोनी और सचिव डॉ योगेश जिंदल ने इस संबंध में हरियाणा आयुष्मान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि दावों का भुगतान करने की तय समय-सीमा 15 दिन है, लेकिन भुगतान में देरी अब छह महीने से भी अधिक हो गयी है। इससे अस्पतालों पर भारी आर्थिक दबाव है और आयुष्मान सेवाएं जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण हाल ही में एक अस्पताल को बंद करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि लगातार देरी से हरियाणा के गरीब लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर बुरा असर पड़ रहा है और प्रधानमंत्री की इस प्रतिष्ठित योजना की विश्वसनीयता और निरंतरता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। करोड़ों रुपये की राशि सरकार के पास लंबित है, जो अस्पतालों को नहीं दी जा रही है।
आईएमए का कहना है कि वह मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं देना चाहती, लेकिन सरकार आर्थिक स्थिति को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही है। आईएमए ने चेतावनी दी है कि इस गंभीर स्थिति की ओर सरकार, अधिकारियों, मीडिया और आम जनता का ध्यान दिलाने के लिए आयुष्मान से जुड़े अस्पताल एक सितंबर की रात 12 बजे से अगले 24 घंटे तक सांकेतिक रूप से आयुष्मान सेवाएं बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं होता है तो पूरे हरियाणा में 16 सितंबर की रात 12 बजे से आयुष्मान सेवाएं पूरी तरह से बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। गौरतलब है कि हरियाणा में लगभग एक करोड़ 69 लाख आयुष्मान और चिरायु कार्ड धारक हैं। हरियाणा सरकार आयुष्मान भारत योजना के साथ-साथ ‘चिरायु हरियाणा योजना' भी चला रही है, जिसके तहत कम आय वाले परिवारों को पांच लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त स्वास्थ्य उपचार प्रदान किया जाता है।