बूचड़खाना संचालकों ने DSP को गिफ्ट की SUV, सामाजिक संगठनों ने किया विरोध
punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 09:38 PM (IST)
नूंह (अनिल मोहनिया) : नूंह में बढ़ती बूचड़खानों की संख्या के खिलाफ कई सामाजिक संगठन जहां लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका की पुलिस बूचड़खाना संचालकों से SUV गाड़ी लेकर विवाद में आ गई है। कई मीट फैक्ट्रियों के संचालकों की ओर से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के नाम पर नए साल को फिरोजपुर झिरका के डीएसपी अजायब सिंह को बोलेरो गाड़ी की चाबी सौंपी गई।
जब सामाजिक संगठनों को इसका पता चला तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। बूचड़खानों को बंद कराने के लिए संघर्ष कर रहे समिति के सदस्यों ने इसे पुलिस की कार्रवाई पर दबाव बताया है।
मेवात कारवां संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अशफाक आलम ने कहा कि 4 दिन पहले यानी 29 दिसंबर को पुलिस ने एक वाहन पकड़ा था, जिसमें बूचड़खानों में ले जाए जा रहे 17 मवेशी ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे। उन्होंने कहा कि मीट फैक्ट्रियों को यदि सीएसआर में कोई मदद देनी है, तो मेवात की मूलभूत सुविधाओं और विकास पर पर खर्चा करना चाहिए। दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारियों ने दलील दी कि मीट फैक्ट्री संचालकों का यह सहयोग महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे पुलिस की गश्त और जांच प्रक्रियाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।

इस मामले में फिरोजपुर झिरका डीएसपी अजायब सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होनें कहा कि मैंने ही बूचड़खाना संचालकों से रिक्वेस्ट किया थी कि शहर थाना पुलिस को पेट्रोलिंग के लिए एक गाड़ी चाहिए। रिक्वेस्ट को मानते हुए बूचड़खाने के संचालकों ने नए साल पर गाड़ी दी है। इससे अपराध पर अंकुश लगेगा। बूचड़खाना संचालकों से पशु क्रूरता समेत अन्य नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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