वोटर लिस्ट अपडेट: हरियाणा में 15 जून से शुरू होगा मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण, इस दिन आएगी फाइनल लिस्ट

punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 04:37 PM (IST)

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने घोषणा की है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। मतदाता सूचियों का यह विशेष पुनरीक्षण 15 जून से 14 जुलाई, 2026 तक चलेगा, और मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर, 2026 को किया जाएगा। ए. श्रीनिवास आज चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित नए हरियाणा सिविल सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिन मामलों में 'गणना प्रपत्र' (enumeration forms) वापस नहीं किए जाते हैं, वहां बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) पड़ोस के निवासियों से पूछताछ करके संभावित कारणों, जैसे "अनुपस्थित", "स्थान परिवर्तन", "मृत्यु", या "दोहराव" (duplicate) की पहचान कर सकते हैं और तदनुसार उन्हें दर्ज कर सकते हैं। BLOs को निर्देश दिया गया है कि जानकारी एकत्र करने के लिए वे ऐसे प्रत्येक घर का कम से कम तीन बार दौरा करें।

उन्होंने कहा कि उन मतदाताओं की बूथ-वार सूची, जिनके नाम मसौदा सूची (draft list) में शामिल नहीं हैं, उन्हें पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालयों और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालयों के सूचना पट्टों पर प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि इन सूचियों तक आम जनता की पहुंच सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, नामों के शामिल न होने के संभावित कारणों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन सूचियों को संकलित करें और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को प्रस्तुत करें। इन सूचियों को संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर, साथ ही संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर एक सुलभ प्रारूप में अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है।

घर-घर जाकर की जाने वाली गणना प्रक्रिया के दौरान, BLOs को निर्देश दिया गया है कि वे नए मतदाताओं के पंजीकरण को सुगम बनाने के लिए अपने साथ कम से कम 30-40 खाली 'फॉर्म-6' आवेदन पत्र और खाली घोषणा पत्र लेकर चलें। CEO ने राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे बूथ लेवल एजेंट 1 और 2 नियुक्त करें। अब तक, CEO के दफ़्तर को 14,520 BLAs की जानकारी मिली है, जिनमें से 6,438 BJP से, 7,704 Congress से, 165 CPI(M) से और बाकी दूसरी राजनीतिक पार्टियों से हैं। BLA वोटर से गिनती के फ़ॉर्म लेकर उन्हें BLO को जमा भी कर सकते हैं।

एक सवाल के जवाब में, श्री श्रीनिवास ने कहा कि हरियाणा में पिछली बार 'स्पेशल ज्यूल रिवीज़न' साल 2002 में हुआ था। गिनती के फ़ॉर्म 15 जून, 2026 से ऑफ़िशियल वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी ज़िला मुख्यालयों और चुनाव क्षेत्रों में एक खास हेल्पलाइन नंबर 1950 शुरू किया गया है। यह हेल्पलाइन दो शिफ्ट में, सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक काम करेगी।

उन्होंने आगे साफ़ किया कि अगर घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे के दौरान कोई वोटर मौजूद नहीं होता है, तो परिवार का कोई भी बालिग सदस्य फ़ॉर्म पर दस्तखत करके उसे BLO को सौंप सकता है। CEO ने कहा कि दूसरे राज्यों के मुकाबले, हरियाणा के चुनावी डेटा में लगभग 18 प्रतिशत 'लॉजिकल एरर' (तार्किक गलतियाँ) हैं, जिनमें गलत नाम और स्पेलिंग की गलतियाँ शामिल हैं। 21 मई, 2026 तक हरियाणा में रजिस्टर्ड वोटरों की कुल संख्या 2,06,52,760 है, जबकि पोलिंग स्टेशनों की कुल संख्या 20,629 है।

उन्होंने बताया कि अब तक 1,32,51,717 वोटरों की चुनावी मैपिंग पूरी हो चुकी है, जो कुल वोटरों का 64.16 प्रतिशत है। फतेहाबाद 86.56 प्रतिशत मैपिंग के साथ सबसे आगे है, इसके बाद चरखी दादरी 82.36 प्रतिशत, सिरसा 80.82 प्रतिशत, कैथल 78.59 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ 77.20 प्रतिशत, नूंह 77.01 प्रतिशत, भिवानी 76.61 प्रतिशत, यमुनानगर 75.81 प्रतिशत, रेवाड़ी 74.98 प्रतिशत, हिसार 73.82 प्रतिशत और जींद 71.93 प्रतिशत पर हैं। इसी तरह, कुरुक्षेत्र ने 69.71 प्रतिशत, करनाल ने 68.13 प्रतिशत, पलवल ने 67.04 प्रतिशत, झज्जर ने 64.07 प्रतिशत, अंबाला ने 63.45 प्रतिशत, रोहतक ने 59.72 प्रतिशत, पानीपत ने 58.88 प्रतिशत, सोनीपत ने 58.39 प्रतिशत, पंचकुला ने 51.20 प्रतिशत, गुरुग्राम ने 35.06 प्रतिशत और फरीदाबाद ने 29.66 प्रतिशत मैपिंग हासिल की है।

श्रीनिवास ने कहा कि सभी उपायुक्तों-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे BLOs (बूथ लेवल अधिकारियों) की पहुँच सुनिश्चित करें, विशेष रूप से फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और पंचकुला की ऊँची इमारतों/सोसायटियों में। उन्होंने दोहराया कि SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) कार्य में लगे अधिकारियों पर कोई अनुचित दबाव नहीं डाला जाएगा और यह प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न होगी। राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी ECI (भारत निर्वाचन आयोग) के निर्देशों के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में अधिसूचित कोई भी पद रिक्त नहीं रहेगा। इसके अलावा, SIR कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रितु, श्री अपूर्व, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री राज कुमार लोहान और CEO कार्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
 


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Content Writer

Isha

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