Haryana : मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर सुमिता मिश्रा का फोकस, 8 नए MCH विंग्स के निर्माण पर जोर

punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 04:46 PM (IST)

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा में मातृ, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा मजबूत बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. सुमिता मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), हरियाणा की 12वीं कार्यकारी समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पतालों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जमीनी स्तर तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके।

आठ नए एमसीएच विंग्स के निर्माण पर जोर

बैठक में राज्य में आठ नए एमसीएच (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य) विंग्स के निर्माण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। इन विंग्स के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तथा नवजात एवं शिशुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों को निर्माण कार्यों तथा संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। डॉ. मिश्रा ने स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

एसएनसीयू को एमएनसीयू में बदलने की योजना

बैठक में विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयों (एसएनसीयू) को एमएनसीयू में परिवर्तित करने की दिशा में भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं को अधिक समेकित और बेहतर स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से गंभीर स्थिति वाले बच्चों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

महिलाओं के लिए समेकित स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस

डॉ. सुमिता मिश्रा ने महिलाओं के लिए समेकित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों से स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

हर मां और शिशु की बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा लक्ष्य

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि हरियाणा सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। नए एमसीएच विंग्स, एसएनसीयू के उन्नयन, समेकित महिला स्वास्थ्य सेवाओं और बेहतर जमीनी प्रबंधन के माध्यम से प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत तंत्र विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। डॉ. सुमिता मिश्रा के निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागीय अधिकारियों के सामने इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और उनके परिणामों की नियमित समीक्षा करने की जिम्मेदारी होगी। उद्देश्य स्पष्ट है कि प्रदेश में प्रत्येक मां और नवजात को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में हरियाणा को और मजबूत बनाया जा सके।
 


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Content Editor

Harman

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