हिसार: उद्घाटन के 7 दिन में ही उखड़ा सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट, एसोसिएशन ने मांगी उच्च स्तरीय जांच
punjabkesari.in Wednesday, Jul 22, 2026 - 08:16 PM (IST)
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): महावीर स्टेडियम, हिसार में हाल ही में तैयार किए गए सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कोर्ट की सतह स्थापना के महज एक सप्ताह के भीतर कई स्थानों से उखड़ने लगी है। इस पर हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन ने गंभीर चिंता जताते हुए खेल विभाग से पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही खेल अधोसंरचना में गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और प्रदेश में खेलों के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल और महासचिव एवं हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने खेल विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर कोर्ट का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि यह जांच निष्पक्ष ढंग से कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानकों और तकनीकी विनिर्देशों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
पत्र में संबंधित अधिकारियों, निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है। साथ ही हरियाणा बास्केटबॉल संघ से कोर्ट की गुणवत्ता और उपयोगिता का स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण कराने तथा निर्माण में प्रयुक्त सिंथेटिक सामग्री के गुणवत्ता प्रमाण-पत्रों और तकनीकी मानकों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।
एसोसिएशन ने कहा है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश में विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना का सपना तभी साकार होगा, जब निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाएगा। खिलाड़ियों को सुरक्षित, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित एजेंसियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि हरियाणा सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जांच कराएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, जिससे खिलाड़ियों का खेल सुविधाओं की गुणवत्ता पर विश्वास बना रहे।