तुगलकी फैसलों से प्रदेश के किसानों की परेशानी बढ़ा रही है सरकार: रणदीप सुर्जेवाला

punjabkesari.in Wednesday, Apr 29, 2026 - 09:18 PM (IST)

चंडीगढ़ (संजय अरोड़ा): अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव, कर्नाटक के प्रभारी व राज्यसभा के सदस्य रणदीप सिंह सुर्जेवाला का कहना है कि पूरे हरियाणा में सरकारी खरीदी के नाम पर किसानों को सताने, लूटने और ठगने में सारी हद पार कर चुकी भाजपा सरकार का मन अभी भी नहीं भरा है। प्रदेश की अनाज मंडियों को किसान शोषण केंद्र बना देने के बाद, अब सीधा ही 61 खरीदी केंद्रों को बंद कर देने का काला फरमान दे डाला है। 1 अप्रैल से सरकारी खरीदी के तारीखी ऐलान के बाद से ही लगातार नायाब सरकार किसानों की हकमारी और बेजारी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।

सुर्जेवाला ने कहा कि बायोमैट्रिक और सर्वर की रुकावट से लेकर ट्रैक्टर ट्राली की फ़ोटो और गेट पास तक, जानबूझकर भाजपा लगातार ऐसी साजिशों में लगी है, जिससे किसान को गेहूं की एम.एस.पी. मिल ही ना पाए। यह जरूर है कि दूसरे प्रदेशों से फसल लाकर हरियाणा की मंडियों में एम. एस. पी पर बेचकर, मुनाफाखोरी और घोटालेबाजी की फसल काटने में भाजपाई सिस्टम ने जरूर रिकॉर्ड बना दिया है।

कांग्रेस नेता ने आंकड़ों के जरिए सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि वैसे तो भाजपा सरकार किसानों की फसल एम.एस.पी. पर खरीद का दावा करती है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। किसान लगातार परेशान हैं और भाजपा सरकार हर रोज अपने तुगलकी फैसलों से उनकी परेशानी को बढ़ा रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान पहले से ही पिछले साल हुई बेमौसमी बरसात एवं ओलावृष्टि से अभी तक नहीं उभरा है और अब गेहूं खरीद में सरकार की ओर से लगाई गई शर्तों से किसान का पीला सोना मंडियों में खुले आसमान तले पड़ा है।

सरकार की नीतियों से परेशान है अन्नदाता

कांग्रेस नेता रणदीप सुर्जेवाला ने कहा कि अभी तक के आंकड़ों की ही बात करें तो करीब 50.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी और धीमी उठान के कारण खुले में पड़ा है और किसान फसल बिक्री के बाद भी पेमैंट के लिए परेशान हैं। कहां तो सरकार इस हालत में सुधार लाती,  खरीदी और उठान के इंतज़ाम में तेजी लाकर किसानों को जल्द भुगतान कराती, मगर भाजपा की तो ये नीति और नियत ही नहीं है।  इसका नतीजा है अब प्रदेश में 61 खरीदी केंद्र ही बंद करके किसानों की पीठ में भाजपाई साजिश का एक और खंजर घोंप दिया गया?

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पूरे प्रदेश की अनाज मंडियों में खरीदी, उठान और भुगतान के सरकारी कछुआ चाल से किसान हैरान व परेशान हैं और धृतराष्ट्र बनी नायब सरकार को खरीदी केंद्रों पर सब खाली दिखाई दे रहा है? सवाल यह है कि क्या फसल खरीदी की सारी नौटंकी सिर्फ भाजपाई भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए ही था, दूसरे प्रदेशों से फसल लाकर भाजपाई सिस्टम ने एम.एस.पी. बेच खा लिया और अपना काम निपट गया तो सैंटर ही बंद? लगातार एक के बाद एक तुगलकी फरमानों और साजिशों से हरियाणा के खेत-खलिहानों को बर्बाद करने पर तुली भाजपा की किसानों के प्रति ये नफऱत आखिर कहां जा कर थमेगी? उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी नीतियों के चलते ही आज प्रदेश में खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। 

किसानों को कंगाल बना रही हैं सरकार की नीतियां

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुर्जेवाला ने कहा कि खेतों से लेकर मंडियों तक किसानों के लिए मुसीबत की गारंटी बनी भाजपा, पीले सोने को मिट्टी और किसानों को कंगाल बनाने पर तुली है।  हरियाणा के किसानों का लाखों मीट्रिक टन गेहूं तो खुले में  बिखरा पड़ा ही है।  बिकी हुई फसल का भी पेमैंट लटका कर भाजपाई सिस्टम ने किसानों के लिए अगले सीजन की बुवाई लागत, घर ख़र्चे और बच्चों की फीस तक जुटाना मुश्किल बना दिया है। एम.एस.पी. पर सरकारी खरीदी के नाम पर धांधलेबाजी और घपलेबाजी की रफ्तार भरता भाजपाई इंजन गेहूं खरीदी, उठान और किसानों को भुगतान में जानबूझकर केंचुए जैसे रेंग रहा है।

करीब 8.23 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी और 42.62 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उठान का इंतज़ार है, दोनों को जोड़ लें तो कुल लगभग 50.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं खुले में पड़ा है। अब तो गेहूं उठान के लिए भी मंडियों में आढ़तियों को प्रति कट्टा 15 रुपए भाजपाई भ्रष्टाचार का नजराना अवैध वसूली में चुकाना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी साजिशों के कारण ही इस साल 30 लाख टन गेहूं खुले में रखने की नौबत आ गई है क्योंकि समय पर गोदामों और स्टोरेज़ केंद्र को खाली कराने व ट्रांसपोर्टेशन का काम ही नहीं हुआ।

देखा जाए तो इतनी भारी मात्रा में अनाज को खुले में छोडक़र सड़ाने और सरकारी खजाने को चूना लगाने की भाजपाई मुहिम भी एक महाघोटाला है। भाजपाई तंत्र सिर्फ लूट, घोटालेबाजी, मुनाफाखोरी और किसानों की हकमारी में जुटा है और नतीजा सारी मेहनत, लागत और जतन के बाद भी हरियाणा के किसानों की जेब खाली और हालत कंगाली की है।

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Content Editor

Krishan Rana

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