‘दिव्यास्त्र एमके-3’ की सफलता से मजबूत हुआ आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी बधाई

punjabkesari.in Sunday, Aug 16, 2026 - 08:09 PM (IST)

चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए देश के पहले 100 प्रतिशत स्वदेशी, अगली पीढ़ी के जेट-पावर्ड कामिकाजे ड्रोन ‘दिव्यास्त्र एमके-3’ का सफल परीक्षण किया है। इस उपलब्धि पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरी वैज्ञानिक और तकनीकी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए इसे नए भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता का प्रतीक बताया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वदेशी तकनीक से विकसित इस अत्याधुनिक ड्रोन का सफल परीक्षण देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और युवा प्रतिभाओं की क्षमता को प्रदर्शित करता है। यह उपलब्धि केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को भी नई मजबूती प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की ओर बढ़ता भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा उत्पादन और अत्याधुनिक सैन्य तकनीक के क्षेत्र में लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कभी जिन रक्षा उपकरणों और तकनीकों के लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, आज उन्हीं क्षेत्रों में देश अपने स्तर पर आधुनिक प्रणालियां विकसित कर रहा है।
‘दिव्यास्त्र एमके-3’ का सफल परीक्षण इसी बदलती तस्वीर को दर्शाता है। स्वदेशी तकनीक के माध्यम से विकसित ऐसे प्लेटफॉर्म देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ रक्षा अनुसंधान, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा करते हैं।

युवा शक्ति के लिए प्रेरणा बनेगी उपलब्धि
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा प्रतिभा है। देश के युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति बढ़ती रुचि आने वाले समय में भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘दिव्यास्त्र एमके-3’ जैसी उपलब्धियां युवाओं को यह संदेश देती हैं कि देश में रहकर भी विश्वस्तरीय तकनीक विकसित की जा सकती है। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े युवाओं में अनुसंधान एवं नवाचार की भावना को और प्रोत्साहन मिलेगा।

हरियाणा भी तकनीकी और रक्षा क्षेत्र में बढ़ा रहा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार भी युवाओं को कौशल, तकनीकी शिक्षा और नवाचार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। राज्य के युवाओं में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी दक्षता विकसित करना भविष्य की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता केवल सैन्य शक्ति बढ़ाने का विषय नहीं है, बल्कि इससे देश में रोजगार, अनुसंधान, उद्योग और तकनीकी विकास के नए अवसर भी पैदा होते हैं।

नायब सिंह सैनी ने ‘दिव्यास्त्र एमके-3’ के सफल परीक्षण को भारत के आत्मविश्वास, वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आने वाले वर्षों में और बड़े लक्ष्य हासिल करेगा।
‘दिव्यास्त्र एमके-3’ की सफलता निश्चित रूप से उस भारत की तस्वीर पेश करती है जो तकनीक के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं, बल्कि स्वयं अत्याधुनिक समाधान विकसित करने की क्षमता रखता है।


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Content Writer

Isha

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