सुरीले गले ने दी मनकीरत को ‘पहचान’ तो सेवा ने जरूरतमंदों के ‘सपनों’ को दी उड़ान!
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 08:41 PM (IST)
चंडीगढ़ (संजय अरोड़ा): हरियाणा की माटी में जन्मा एक लाल ऐसा भी है जो न केवल विश्वभर में अपनी गायकी के जरिए एक ऊंचा मुकाम हासिल किए हुए है बल्कि अब उनका भीतरी ‘भाव’ भी लोगों को उनसे जुडऩे के लिए प्रेरित कर रहा है। आवाज के धनी इसनामचीन कलाकार के गाने ही लोगों के सिर चढ़ कर नहीं गूंज रहे अपितु अब इन्होंने सेवा और समर्पण की जो डगर पकड़ी है उसे देख कर भी उनके प्रयासों का सराहा जा रहा है।
यू-ट्यूब सहित अन्य तमाम सोशल मीडिया के प्लेटफाम्र्स पर उनके फॉलोअर्स की लंबी फेहरिस्त होने के साथ साथ सेवा की ओर बढ़ रहे उनके हाथों ने भी फैन्स की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है। यहां बात हो रही है जिला फतेहाबाद के रहने वाले प्रख्यात पंजाबी गायक मनकीरत औलख की जो केवल मात्र अपनी गायकी के बूते ही कामयाबी की डगर पर नहीं हैं बल्कि इस सफलता ने उन्हें एक ऐसी राह से भी जोड़ दिया है, जिस पर मनकीरत के बुजुर्ग पिछले कई पीढिय़ों से चलते आ रहे हैं। यही वो वजह है कि पंजाबी गायक मनकीरत औलख एक फेमस नाम होने के साथ साथ अपने सेवाभाव से नरों में नारायण देखने लगे हैं।
यही वजह है कि मनकीरत औलख गुरुघरों में कार सेवा के प्रति समर्पित तो गरीब कन्याओं के लिए एक भाई की भूमिका में नजर आने लगे हैं। मसलन वे गुरुद्वारों में सेवा करने के साथ साथ मनकीरत औलख टीम की मार्फत आर्थिक सहयोग करने में जुटे हुए हैं तो वहीं जरूरतमंद परिवार की लड़कियों की शादी में एक भाई की भूमिका अदा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
खास बात ये है कि गायकी के जरिए लोगों के दिलोंदिमाग पर खास छाप छोडऩे वाले गायक मनकीरत औलख का समाजसेवा के प्रति जिस शिद्दत से भाव नजर आ रहा है उसने भी उन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यही नहीं औलख साफ कहते हैं कि सेवा में उनके इस प्रयास के मायने ये नहीं हैं कि उन्हें कोई चुनाव लडऩा है बल्कि असल तथ्य ये है कि बुजुर्गांे द्वारा मिली इस सीख से उन्हें आनंद बड़ा आ रहा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि बेमिसाल आवाज के धनी की सेवा भी एक नई मिसाल बनती नजर आ रही है। इसके अलावा अब मनकीरत एक फिल्म में भी काम कर रहे हैं और ब्राऊन ब्वायज के नाम से ये फिल्म जल्द ही रिलीज होगी।
परिवार से मिली प्रेरणा से समर्पित हुए भाव
गौरतलब है कि मनकीरत औलख यूं तो हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में इस कदर लोकप्रिय हैं कि हर शादी-ब्याह एवं डीजे इत्यादि में उनके गानों की धूम होती है मगर लोकप्रियता का पैमाना इससे भी कहीं ज्यादा इसलिए भी बड़ा हो जाता है क्योंकि यू-ट्यूब व अन्य सोशल मीडिया के प्लेटफाम्र्स के कारण उनके चाहवानों की तादाद विश्वभर में दिनोंदिन बढ़ती दिखाई दे रही है।
बेशक ये उनके प्रोफैशन के कामयाबी की निशानी है मगर मनकीरत औलख का एक दूसरा रूप ये भी है कि वे समाजसेवा में भी बड़े ही समर्पित भाव से लगे हुए हैं। असल में उन्हें ये प्रेरणा अपने घर-परिवार से ही मिली। मनकीरत औलख की मानें तो उनके बुजुर्ग पिछली कई पीढिय़ों से जरूरतमंदों की सेवा करते हुए आ रहे हैं और जब वे आर्थिक रूप से संपन्न हुए तो उन्हें भी लगा कि इस दौलत का सरोकार खुद के सुख-चैन के अलावा जरूरतमंदों की सेवार्थ प्रयोग किया जाए। खास बात ये है कि मनकीरत के परदादा उजागर सिंह, दादा मुख्तैयार सिंह, पिता निशान व माता मंजीत कौर भी निरंतर समाजसेवा में लीन रहे हैं और मनकीरत को अपने परिवार से सेवा भाव विरासत में मिले हैं तो वहीं हंसाली साहिब के संत बाबा परमजीत सिंह के आशीर्वाद से ही वे अपने इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
लिहाजा, उन्होंने भी अपने बुजुर्गांे की तरह इस ओर रुख कर लिया है। मनकीरत औलख ने इस सेवा भाव के कार्यांे के लिए एक टीम का गठन किया हुआ है जिसे मनकीरत औलख टीम के नाम से जाना जाता है। अपनी इस टीम के साथ वे हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के गुरुघरों में शारीरिक सेवा के साथ साथ आर्थिक रूप से भी सेवा करते हैं। इसी की बानगी है कि गुरुद्वारों में कार-सेवा को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने इस सेवा में जुटे सिख संतों के लिए हाइलैक्स गाडिय़ां देने की रूपरेखा तैयार की है तो वहीं जरूरतमंदों के साथ साथ गुरुद्वारों को 100 से अधिक ट्रैक्टर दे चुके हैं।
इसके अलावा अब वे हाइलैक्स (टोयटा) गाड़ी देने के लिए वे राजस्थान स्थित सुहावा साहिब गुरुद्वारा के संत बाबा बेअंत सिंह को गाड़ी भेंट करके अपने इस क्रम की शुरूआत करेंगे। इसके अलावा गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए भी मनकीरत औलख की टीम आर्थिक रूप से सहयोग करने में जुटी हुई है।
पहले गानों और अब भावों ने बनाई दिलों में जगह
अहम बात ये है कि पंजाबी के मशहूर गायकों की सूची में मनकीरत औलख का नाम भी बड़े पायदान में दर्ज है। उनके तमाम गाने सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स पर धूम मचाए हुए हैं मगर इनमें से ‘बदनाम, कोका, मिठियां गल्लां, डांग, खुके, प्यार दा सबूत, कम्ली, जुगाड़ी जट व गिटार वरगा’ इत्यादि वो एलबम सांग हैं जिन्होंने मनकीरत औलख को एक पहचान दी। खास पहलू ये है कि पहले इन गानों ने उनके चाहवानों की सूची को बड़ा किया तो अब उन द्वारा समाज सेवा के लिए किए जा रहे कार्यों ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है।
पंजाब में पिछले दिनों बरसात और बाढ़ के कारण जब किसान मायूस हो गए थे तो मनकीरत औलख न केवल अपनी टीम के साथ इन किसानों के बीच पहुंचे बल्कि अपनी ओर से हर प्रकार की मदद के लिए भी अपने हाथ आगे बढ़ाए। इसके अलावा बहुत से ऐसे परिवार सामने आकर मनकीरत औलख को केवल आशीर्वाद ही नहीं दे रहे बल्कि उन्हें एक ‘देवदूत’ के रूप में मान रहे हैं जो अपनी माली हालत के कारण बेटियों के हाथ पीले करने में सक्षम नहीं थे मगर जब मनकीरत औलख को पता लगा तो उन्होंने इन लड़कियों के भाई के रूप में परिवार की मदद की और अब भी ये सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। यही कारण है कि सेवा की ओर बढ़ते इन हाथों ने पीडि़तों को तो राहत दी ही बल्कि इससे अन्य लोग भी मनकीरत औलख से प्रभावित हुए बिना नहीं रह पा रहे हैं।
हुनर रब ने बख्शया ते सेवा दा जज्बा बुजुर्गां ने: मनकीरत औलख
पंजाब केसरी से विशेष बातचीत करते हुए मशहूर पंजाबी गायक मनकीरत औलख ने कहा कि गायकी का हुनर रब ने बख्शया है ते लोकां दी सेवा का जज्बा बुजुर्गां दी देन है। उन्होंने कहा कि उन्हें गुरुघरों व गरीब परिवारों की सेवारूपी मदद करने का जो आनंद आ रहा है उसको वे बता नहीं सकते मगर महसूस कर सकते हैं कि आज दिल और दिमाग में एक सुकून सा है।
मनकीरत औलख ने कहा कि जब वे और उनकी टीम समाज सेवा के लिए आगे बढ़ी तो बहुत से लोगों ने माना कि संभवत: मनकीरत चुनाव लड़ेगा या लडऩे की इच्छा है मगर मैं साफ कह देता हूं कि ये सब राजनीति के लिए नहीं बल्कि उन्हें खुशी मिल रही है और यदि परमात्मा ने किसी के काम आने के लिए उन्हें ये मौका दिया है तो वे बड़े ही चाव से इस दिशा में लगे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि मेरा राजनीति से कोई ताल्लुक नहीं है और मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूगां लेकिन मेरे लिए सभी राजनीतिक दल आदरणीय हैं और हम कलाकार सभी के सांझे होते हैं, इसलिए मैं सभी का हूं और सभी मेरे हैं।