हरियाणा की मुन्नी जून की बदौलत भारतीय टीम ने खो-खो में हासिल किया गोल्ड

12/8/2019 11:44:07 PM

बहादुरगढ़ (प्रवीण धनखड़): कबड्डी, कुश्ती और शूटिंग खेलों के हरियाणा में अब खो खो भी नई बुलंदिया छूने लगा है। 13वें सैफ खेलों में भारतीय खो खो टीम की मुख्य कोच हरियाणा की बेटी मुन्नी जून रही है। खो खो में भले की दक्षिण भारत का दबदबा रहा हो, लेकिन हरियाणा की बेटी की कोचिंग में ही भारतीय टीम ने दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया है। भारतीय खो खो टीम की कोच मुन्नी जून के अलावा पानीपत की मुकेश भी बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा रही है। मुन्नी जून का बहादुरगढ़ पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया।

कुश्ती, कबड्डी और शूटिंग में हरियाणा के खिलाड़ी विश्व पटल पर छाये हुये हैं। अब खो खो में हरियाणा के विश्व पटल पर छाने की बारी आ गई है। दक्षिण भारत के राज्यों का भारतीय खो खो टीम में दबदबा रहा है। लेकिन पहली बार हरियाणा की बेटी मुन्नी जून को भारतीय खो खो टीम का मुख्य कोच बनाया गया। मुन्नी जून की कोचिंग स्किल की बदौलत ही भारतीय खो खो टीम ने काठमांडू में हुए 13वें दक्षिण एशियाई खेलों में में नेपाल को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया है। स्वर्ण पदक हासिल करने वाली टीम में हरियाणा के पानीपत की बेटी मुकेश भी शामिल रही।

मुन्नी जून का कहना है कि खो खो में हरियाणा बड़ा मुकाम हासिल करेगा। मुन्नी जून झज्जर जिले के डीघल गांव की बेटी है और नूना माजरा गांव की बहू हैं। छोटी सी उम्र में ही मुन्नी की शादी नूना माजरा गांव के जोगेन्द्र के साथ हो गई थी। पत्नि की खेल प्रतिभा से प्रभावित होकर ही जोगेन्द्र ने एथलैटिक्स में पहचान बनाई। मुन्नी जून के पति जोगेन्द्र जून भी नेशनल लेवल के एथलीट रहे हैं। 

मुन्नी जून का कहना है कि उनके मायके वालों और ससुराल वालों ने उनके खेल को प्रोत्साहित करने का काम किया है। जिसके कारण ही आज वो इस मुकाम पर पहुंच पाई है। फिलहाल मुन्नी जून रोहतक के वैश्य महिला महाविद्यालय में प्रौफेसर है। उन्होंनें पांचवी क्लास से ही खो खो में नेशनल खेलना शुरू कर दिया था। मुन्नी जून खो खो के साथ कबड्डी की कोच भी है। उन्हीं की अगुवाई में एमडी यूनिवर्सिटी की टीम ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी के कबड्डी मुकाबलों में चैम्पियन रही है।


Shivam

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