Chandigarh में बिजली बिलों को लेकर मची हाहाकार, उपभोक्ताओं के लिए खड़ी हुई मुसीबत, पढ़ें पूरी खबर

punjabkesari.in Wednesday, Mar 04, 2026 - 09:09 AM (IST)

चंडीगढ़ (मनप्रीत): हल्लोमाजरा में चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सैकड़ों बिजली बिल उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचने के बजाय कूड़े के ढेर में मिले हैं। इस हरकत के कारण लोगों में भारी रोष है, क्योंकि समय पर बिल न मिलने से अब उन्हें जुर्माना भरना पड़ रहा है। बिल वितरण की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी या एजेंसी की लापरवाही के कारण जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब हल्लोमाजरा के निवासियों ने सड़क किनारे कूड़े के ढेर में बड़ी संख्या में बिल पड़े देखे। जब लोगों ने इन बिलों की जांच की तो पता चला कि ये बिल जनवरी महीने के थे।

उपभोक्ताओं ने कहा – भारी परेशानी का करना पड़ा सामना
उपभोक्ताओं ने इस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। मकान नंबर 592 निवासी अजय कुमार ने बताया कि उन्हें जनवरी का बिल कभी मिला ही नहीं। इसके अलावा विभाग ने हाल ही में उपभोक्ताओं के खाता नंबर भी बदल दिए हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्टमर केयर से जानकारी लेकर उन्हें बिल भरना पड़ा, लेकिन बिना किसी गलती के उनसे लेट फीस वसूली गई। इसी तरह मकान नंबर 20 में रहने वाले राजू धीमान ने बताया कि उन्हें दिसंबर और जनवरी दोनों महीनों के बिल नहीं मिले और अब उन्हें जुर्माने के साथ बिल भरने को मजबूर किया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिले, उनकी लेट फीस तुरंत माफ की जाए और भविष्य में बिल वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए।

उपभोक्ताओं की लेट फीस माफ की जाए : भाजपा नेता
चंडीगढ़ भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष अभय कुमार झा ने बताया कि उन्हें हल्लोमाजरा के सिटको पॉइंट के पास कूड़े में पड़े बिल मिले हैं। इलाके के लोग पिछले एक महीने से बिल न मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। पढ़े-लिखे लोग तो इधर-उधर भागदौड़ कर या हेल्पलाइन के जरिए बिल का पता लगाकर भुगतान कर रहे हैं, लेकिन जो लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं, उनके लिए यह बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने मांग की कि विभाग हल्लोमाजरा के उन उपभोक्ताओं की लेट फीस माफ करे, जिन्होंने देरी से बिल भरा है और समय पर बिल वितरण के लिए उचित व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानी न झेलनी पड़े।

कंपनी की सफाई: ऐप के जरिए बिल वितरण का लिया जाएगा सबूत
चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) ने दावा किया कि यह मामला करीब दो महीने पुराना है। प्रवक्ता के अनुसार जनवरी में बिल बांटने वाले कर्मचारी की लापरवाही के कारण लगभग 100 बिल इधर-उधर हो गए थे। विभाग अब एक नई ऐप शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए बिल वितरण का डिजिटल सबूत लिया जाएगा। इस कदम से कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और उपभोक्ताओं को समय पर बिल मिलना भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। विभाग ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और उपभोक्ताओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।


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Vatika

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