राम रहीम जैसे लोग पिकनिक मनाने आ रहे बाहर, बंदी सिखों को क्यों नहीं पैरोलः जत्थेदार गड़गज्ज
punjabkesari.in Tuesday, Aug 25, 2026 - 03:21 PM (IST)
बरनाला: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल दिए जाने का श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने विरोध किया है। उन्होंने बंदी सिंहों की रिहाई न होने का हवाला देते हुए इसे सरकारों का दोहरा मापदंड करार दिया है।
बरनाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि जिन लोगों को दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों के लिए जेल की सजा हुई हो और उनकी गिरफ्तारी के दौरान कई लोगों की जान गई हो, उन्हें जेल से इस तरह बाहर निकाला जा रहा है, जैसे कोई पिकनिक मनाने के लिए आता है। वहीं दूसरी ओर अपनी सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को रिहा नहीं किया जा रहा। उन्होंने इसे सरकारों का दोहरा मापदंड बताया। उन्होंने कहा कि जगतार सिंह हवारा की माता जी बीमार हैं और सिख पंथ के साथ-साथ मानवता व मानवाधिकारों से प्रेम करने वाले सभी लोग उनकी पैरोल की मांग का समर्थन कर रहे हैं।
इसके बावजूद उन्हें पैरोल नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि एक मां का अपने बेटे से मिलने का बुनियादी अधिकार है और ऐसे समय में उन्हें इस अधिकार से वंचित करना अन्याय है। जत्थेदार गड़गज्ज ने बलवंत सिंह राजोआणा, जगतार सिंह तारा, प्रो. देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर और अन्य बंदी सिंहों की रिहाई से जुड़े लंबित मामलों पर भी सवाल उठाए।