प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ चुने गए दोनों विधायकों से पंजाब केसरी की खास बातचीत, कही ये बातें ?

punjabkesari.in Wednesday, Mar 02, 2022 - 05:36 PM (IST)

चंडीगढ़(धरणी): प्रदेश के सभी 90 में से 2 सर्वश्रेष्ठ विधायकों को सम्मानित करने की पहल वास्तव में एक शानदार कदम है और इसके सकारात्मक परिणाम आना भी स्वाभाविक है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर द्वारा शुरू की गई इस परंपरा में पहली बार सर्वश्रेष्ठ चुना जाना वास्तव में एक गौरव की बात है। बकायदा इस चयन के लिए विधानसभा में एक कमेटी का गठन किया गया था। जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के चुनिंदा वरिष्ठ चेहरों को शामिल किया गया था। यानि प्रदेश की कुल जनसंख्या के प्रतिनिधियों में से यह सर्वश्रेष्ठ का चुनाव था। इस सम्मान के लिए कमेटी द्वारा उन विधायकों का चुनाव करना था जिन्होंने पूरा वर्ष लोकहित के लिए निस्वार्थ ना केवल क्षेत्र में कार्य किया बल्कि सदन के पटल पर बेबाकी और सच्चाई के साथ अपनी जिम्मेदारी को निभाया। कमेटी के गहरे विश्लेषण और विचार विमर्श के बाद इस सम्मान का वास्तविक हकदार फरीदाबाद एनआईटी से कांग्रेसी विधायक नीरज शर्मा और गन्नौर से भाजपा विधायक निर्मल चौधरी को पाया गया। सर्वश्रेष्ठ विधायक के रुप में हुए चयन को लेकर किस प्रकार की अनुभूति इन विधायकों को हो रही है, इसे लेकर पंजाब केसरी ने इनसे बातचीत की।

आपदा को अफसर नहीं बल्कि सेवा मानकर आगे बढ़ने की कला ने गौरवान्वित किया :  नीरज शर्मा

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फरीदाबाद एनआईटी विधायक नीरज शर्मा ने इसका श्रेय अपने स्वर्गीय पिता शिवचरण शर्मा को दिया। उन्होंने कहा कि यह पिता के कर्मों और मेहनत का फल है। क्योंकि उन्हीं के कारण वह विधायक चुने गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने लिखा है की जा पर कृपा प्रभु राम की होई- ता पर कृपा करे हर कोई। साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता और हरियाणा के करोड़ों लोगों को इसके लिए कोटि-कोटि धन्यवाद किया। दरअसल उनका चयन कोरोना महामारी के वक्त उनके द्वारा किए गए सराहनीय जनहित के कार्यों के कारण हुआ है। कोरोना की पहली लहर में इनके द्वारा लगातार खुले दिल से एक प्रोजेक्ट खिचड़ी चलाया गया ताकि उनके क्षेत्र की जनता कोई भूखी ना सोए। बिना भेदभाव के रोजाना गली मोहल्ले में उनका यह कार्यक्रम चला और क्षेत्र में लोगों ने उन्हें इस कार्य के लिए खूब दुआएं दी।

 साथ ही शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को एक पत्र भी लिखा जिसमें वक्फ बोर्ड की मस्जिदों को हर महीने जिस प्रकार से वक्फ बोर्ड की तरफ से पैसा मिलता है, उसी प्रकार मंदिर- गुरुद्वारा चलाने वालों को भी हर महीने पैसा देने की मांग की गई। शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से गिद्द की योनि और भोजन दोनों ही अच्छे नहीं माने जाते, लेकिन सीता हरण के वक्त जटायु ने सीता माता को बचाने के लिए अपने जीवन तक को न्योछावर कर दिया और वह जटायु भगवान बन गए। इसी प्रकार आपदा को अफसर नहीं बल्कि आपदा को सेवा मानकर आगे बढ़ने की कला ने आज उन्हें गौरवान्वित किया है।

साधारण परिवार में जन्मी फिर भी मुख्यमंत्री ने टिकट थमा दी उनका धन्यवाद करती हूं : निर्मला चौधरी

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वहीं इस उपलब्धि के लिए चयन हुई निर्मला चौधरी ने इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य सभी कमेटी के सदस्यों को धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा क्षेत्र वासियों के लिए एक बेहद खुशी और सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री ने उनकी जन सेवाओं को देखते हुए गन्नौर से टिकट दिया और गन्नौर से पहली बार भाजपा के विधायक के रुप में वह जीत कर आई। चौधरी ने कहा कि वह एक साधारण परिवार में जन्मी और पली-बढ़ी। राजनीति से दूर दूर तक उनका कोई सरोकार नहीं था। दूसरे दलों में भाई भतीजावाद के तहत टिकट हमेशा बंटती रही। लेकिन मेहनत- जज्बा और काम को देखकर और क्षेत्र के सांसद के सहयोग से उन्हें टिकट थमाया गया और विधायक बन कर नहीं एक सेवक बनकर उनके काम करने के तरीके को इस कमेटी ने सराहा, उनका धन्यवाद करती हूं।

 

 


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Content Writer

Shivam Yadav

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