दरभंगा के कोच मुकेश मिश्रा तैयार कर रहे राष्ट्रीय स्तर के कराटे खिलाड़ी

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 07:17 PM (IST)

गुड़गांव ब्यूरो : बिहार के छोटे शहरों और कस्बों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन अक्सर उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले प्रशिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। दरभंगा से जुड़े कराटे प्रशिक्षक मुकेश मिश्रा पिछले कई वर्षों से इसी दिशा में काम कर रहे हैं और उनके प्रशिक्षण में तैयार कई खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। मुकेश मिश्रा बिहार के दरभंगा जिले से संबंध रखते हैं और लंबे समय से कराटे खेल से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वह बिहार राज्य कराटे टीम के सीनियर कोच के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वे स्टेट कराटे एसोसिएशन ऑफ बिहार (SKAB) के संयुक्त सचिव भी हैं। SKAB भारत में वर्ल्ड कराटे फेडरेशन (WKF) एवं एशियन कराटे फेडरेशन (AKF) द्वारा मान्यता प्राप्त कराटे खेल की आधिकारिक राष्ट्रीय संगठन कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन (KIO) की राज्य इकाई है, जो राज्य में कराटे प्रतियोगिताओं का आयोजन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए राज्य टीम का चयन करती है। मुकेश मिश्रा वर्ल्ड कराटे फेडरेशन (WKF) द्वारा मान्यता प्राप्त कोच सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले बिहार के पहले एवं वर्तमान में एकमात्र कोच हैं। कराटे खेल की यह वैश्विक संस्था इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसकी मान्यता वैश्विक स्तर पर कोचिंग के महत्वपूर्ण मानकों में गिना जाता है। 

 

खिलाड़ी से कोच बनने तक का सफर

मुकेश वर्ष 2008 से 2016 के बीच देशभर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी के रूप में भाग लेकर प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करने के बाद वर्ष 2017 में सक्रिय प्रतियोगी खेल से आगे बढ़ते हुए कोचिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित किया और बिहार के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षण में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिनमें दरभंगा के आदित्य कुमार ने KIO ऑल इंडिया सब-जूनियर कराटे चैंपियनशिप 2023, नई दिल्ली में स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं मंजीत कुमार ने 2024 में आयोजित नेशनल स्कूल गेम्स कराटे चैंपियनशिप (अंडर-19), लुधियाना में कांस्य पदक जीता। प्रेयांश ने 2025 में KIO नेशनल जूनियर कराटे चैंपियनशिप, देहरादून में रजत पदक और 2026 में 69वीं नेशनल स्कूल गेम्स (अंडर-17), पुणे में कांस्य पदक हासिल किया। इसी तरह युवराज आदर्श ने 2025 में KIO नेशनल जूनियर कराटे चैंपियनशिप, देहरादून में कांस्य पदक तथा 2026 में 69वीं नेशनल स्कूल गेम्स (अंडर-19), पुणे में कांस्य पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। कराटे प्रशिक्षण के साथ-साथ मुकेश समय-समय पर स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थानों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं और विशेष रूप से छात्राओं को आत्मरक्षा के बुनियादी कौशल सिखाना और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना माना जाता है।

 

कराटे का बढ़ता प्रभाव

हाल के वर्षों में बिहार में कराटे और अन्य मार्शल आर्ट खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ती देखी जा रही है। स्कूल और कॉलेज स्तर की प्रतियोगिताएं, विशेष रूप से स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ के तहत आयोजित टूर्नामेंट, युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दे रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य में प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल ढांचे को और मजबूत किया जाए, तो बिहार के खिलाड़ी मार्शल आर्ट खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। दरभंगा जैसे शहरों से उभरती प्रतिभाएं यह संकेत देती हैं कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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