मेवात में अनोखी पहल: पेट्रोल पंप पर बंदी बर रहे तेज

punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 07:34 PM (IST)

नूंह, ब्यूरो : आमतौर पर जेल का नाम सुनते ही सजा और बंदिशों की तस्वीर उभरती है, लेकिन मेवात में शुरू हुआ “जेल फिलिंग स्टेशन” इस सोच को बदलने की कोशिश कर रहा है। अक्टूबर 2024 से संचालित यह पेट्रोल पंप अब पुनर्वास और आत्मनिर्भरता का उदाहरण बनता जा रहा है। जेल प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह फिलिंग स्टेशन आम जनता के लिए पूरी तरह खुला है। यहां चार चयनित बंदी और तीन कर्मचारी मिलकर संचालन कर रहे हैं। केवल वही बंदी ड्यूटी पर लगाए जाते हैं जिनका जेल में आचरण बेहतर रहा है और जिन्होंने सजा का निर्धारित हिस्सा नियमों के तहत पूरा किया है।

 

सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक बंदी पेट्रोल पंप की सेल, कैश कलेक्शन और ऑनलाइन भुगतान सहित सभी व्यवस्थाएं संभालते हैं। प्रशासन का दावा है कि लेन-देन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और प्रतिदिन औसतन करीब दो लाख रुपये की बिक्री हो रही है। फिलिंग स्टेशन के साथ ही बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का एक शोरूम भी स्थापित किया गया है। यहां फर्नीचर, हस्तशिल्प और अन्य वस्तुएं उपलब्ध हैं। यदि कोई ग्राहक अपनी पसंद का सामान बनवाना चाहता है तो ऑर्डर लेकर जेल फैक्ट्री में तैयार कराया जाता है।

 

हाल ही में इन उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला में भी की गई, जहां इन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिली। जेल प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों को रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनाना है। उन्हें काम का अनुभव और कौशल दिया जा रहा है ताकि जेल से बाहर निकलने के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। प्रशासन ने मेवातवासियों से अपील की है कि वे एक माह तक जेल फिलिंग स्टेशन से ईंधन भरवाकर गुणवत्ता और मात्रा की स्वयं जांच करें। अधिकारियों का दावा है कि यहां “क्वालिटी और क्वांटिटी” दोनों में पूरा भरोसा दिया जाता है। मेवात में यह प्रयोग अब केवल एक पेट्रोल पंप नहीं, बल्कि सुधार और विश्वास की नई कहानी बनता नजर आ रहा है।


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Content Editor

Gaurav Tiwari

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