साइंस का कमाल! बिना चीर-फाड़ बदला गया हार्ट वाल्व, इस नई और अत्याधुनिक तकनीक से हुआ इलाज
punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 03:02 PM (IST)
हिसार: हिसार के चिकित्सा क्षेत्र में हृदय रोग के उपचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। जिंदल अस्पताल हिसार में बिना किसी चीड-फाड़ के हार्ट के एओर्टिक वाल्व को सफलतापूर्वक बदला गया है। यह नई और अत्याधुनिक तकनीक ट्रांस कैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (तावी) के नाम से जानी जाती है, जिसमें ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती।
जिंदल अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिमेष अग्रवाल ने बताया कि हिसार के जाने माने प्रॉपर्टी व्यवसायी गुलशन सिंगला को सांस लेने में गंभीर तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज पहले से ही हाई शुगर, ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। जांच में पाया गया कि उनके हार्ट के एओर्टिक वाल्व में अत्यधिक सिकुड़न और कैल्शियम का जमाव हो चुका था, जिससे हृदय की पंपिंग क्षमता कम हो गई थी और हार्ट कमजोर हो गया था।
डॉ. अनिमेष अग्रवाल के अनुसार, ऐसे मामलों में वाल्व रिप्लेसमेंट ही एकमात्र उपचार विकल्प होता है। अब तक यह सर्जरी केवल ओपन हार्ट ऑपरेशन द्वारा ही संभव थी, जो कई मरीजों के लिए अत्यधिक जोखिम भरी होती है। तावी तकनीक के माध्यम से बिना चीर-फाड़ पैर की नस के रास्ते कृत्रिम वाल्व को हार्ट तक पहुंचाकर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया जाता है। इसी तकनीक से मरीज का सफल उपचार किया गया। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और दूसरे दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फॉलोअप जांच में पाया गया कि मरीज के हार्ट का फंक्शन पूरी तरह सामान्य हो चुका है।
अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक भारद्वाज ने बताया कि हिसार और आसपास के क्षेत्रों में अब तक तावी के बहुत ही सीमित केस हुए हैं। केस की जटिलता को देखते हुए यह संभवतः यह अपनी तरह का पहला सफल मामला है। इस जटिल प्रक्रिया में रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. प्रियंका छाबड़ा और डॉ. पंकज लीखा, कार्डियक एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नीरज मोंगा, कार्डियक सर्जन डॉ. अशोक चहल तथा फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा गर्ग का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
जिंदल अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रितु चोपड़ा ने कहा कि अस्पताल कार्डियोलॉजी विभाग को इस प्रकार के एडवांस्ड ट्रीटमेंट का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिंदल अस्पताल और समस्त जिंदल परिवार हरियाणा व हिसार के मरीजों तक नवीनतम चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।