Haryana : राखीगढ़ी की नई खोज ने बढ़ाई इतिहासकारों की धड़कनें, अनोखी संरचना ने खड़े किए कई सवाल, जानिए...

punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 08:16 PM (IST)

हरियाणा डेस्क : विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में शुमार ऐतिहासिक नगरी राखीगढ़ी एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां जारी पुरातात्विक उत्खनन के दौरान पहली बार दो मीटर चौड़ी कच्ची ईंटों की दीवार मिलने से इतिहासकारों और शोधार्थियों में उत्साह का माहौल है। विशेषज्ञ इसे राखीगढ़ी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण खोज मान रहे हैं।

खोदाई के दौरान टीला नंबर दो पर कच्ची ईंटों की दीवार के अवशेष मिलने के बाद जब उत्खनन का दायरा बढ़ाया गया, तो लगभग दो मीटर चौड़ी दीवार सामने आई। अब तक यहां 30 से 50 सेंटीमीटर चौड़ाई वाली दीवारें ही मिली थीं, ऐसे में इतनी चौड़ी दीवार का मिलना नई संभावनाओं की ओर संकेत करता है।

सुरक्षा दीवार या विशाल हाल का हिस्सा?

पुरातत्वविदों का मानना है कि यह दीवार किसी बड़े हालनुमा भवन या सुरक्षा संरचना का हिस्सा हो सकती है। हालांकि इसके वास्तविक उद्देश्य को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। आगे की खुदाई में दीवार की लंबाई और निर्माण शैली स्पष्ट होने पर इसके उपयोग का पता चल सकेगा।

दीवार के साथ-साथ उत्खनन में पत्थर, पशुओं की हड्डियां, तांबे के अवशेष और टैराकोटा की चूड़ियां भी प्राप्त हुई हैं। ये अवशेष उस काल की सामाजिक संरचना, जीवनशैली और सांस्कृतिक गतिविधियों पर नई रोशनी डालते हैं।

ग्रेटर नोएडा स्थित उत्खनन शाखा द्वितीय के अधीक्षण पुरातत्वविद मनोज सक्सेना के अनुसार, “खोदाई में पहली बार दो मीटर चौड़ी दीवार मिली है। प्रारंभिक तौर पर यह किसी बड़े निर्माण या सुरक्षा संरचना का हिस्सा प्रतीत होती है। दीवार की संरचना का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।”

पहले क्या मिला था?

इससे पूर्व टीला नंबर तीन समेत अन्य टीलों पर 30 से 40 सेंटीमीटर चौड़ी कच्ची ईंटों की दीवारें और मकानों के अवशेष मिले थे। लेकिन दो मीटर चौड़ी दीवार की खोज पहली बार हुई है, जिससे यह स्थल एक बार फिर शोध का केंद्र बन गया है। इतिहास के गर्भ से निकली यह नई संरचना राखीगढ़ी की प्राचीनता और समृद्धि की एक और परत को उजागर करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें आगे की खुदाई पर टिकी हैं, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है।  

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Content Editor

Krishan Rana

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