पारंपरिक खेती छोड़ी, फूलों ने बदली किस्मत...अब प्रति एकड़ कमा रहे लाखों, पलवल के अजय की सफलता कहानी
punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 05:28 PM (IST)
पलवल (गुरुदत्त गर्ग) : हरियाणा के पलवल जिले के एक युवा किसान अजय ने पारंपरिक खेती छोड़कर कुछ नया करने का फैसला लिया और आज वह फूलों की खेती से शानदार कमाई कर रहा है। अजय ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर मैरीगोल्ड (गेंदा) की खेती शुरू की, जिससे वह प्रति एकड़ लगभग 6 लाख से लवकर साढ़े लाख रुपये तक की बिक्री कर रहा है।
अजय पहले हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग में कार्यरत था और करीब 7 वर्षों तक पानीपत में नौकरी की। इस दौरान उसने बागवानी का गहरा अनुभव हासिल किया। इसी अनुभव के आधार पर उसने फरवरी माह में गेंदा की खेती शुरू की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके खेत से प्रतिदिन 2 से 3 क्विंटल तक फूलों का उत्पादन हो रहा है, जिनका बाजार भाव लगभग 40 रुपये प्रति किलोग्राम है। गैंदे का फूल कम से कम 20 रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिकता है।
खास बात यह है कि अजय ने गेंदा की एक विशेष वैरायटी उगाई है, जिसकी मांग बाजार में काफी अधिक है। जहां सामान्य गेंदा फूल की लाइफ करीब 24 घंटे होती है, वहीं अजय की उगाई गई वैरायटी 3 से 4 दिन तक ताजा रहती है। इसकी बेहतर गुणवत्ता और सुंदरता के कारण बाजार में इसकी कीमत और मांग दोनों अधिक हैं।
अजय के अनुसार, एक सीजन में प्रति एकड़ 3 से 3.25 लाख रुपये तक की बिक्री हो जाती है। गेंदा की खेती साल में दो बार आसानी से की जा सकती है। एक फसल चक्र लगभग 5 महीने का होता है, जिसमें बुवाई के 45 दिन बाद फूल आना शुरू हो जाते हैं और 2.5 से 3 महीने तक लगातार उत्पादन मिलता है।
इस तरह सालभर में एक एकड़ जमीन से करीब 6 से 6.5 लाख रुपये तक का उत्पादन बाजार में बेचा जा सकता है। सभी खर्चों को निकालने के बाद भी किसान को कम से कम 4 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुनाफा हो सकता है। इसके मुकाबले पारंपरिक खेती (गेहूं और धान) से कुल उत्पादन करीब 1.25 लाख रुपये तक ही पहुंचता है, जिसमें से खर्च निकालने के बाद बचत बहुत कम रह जाती है।
अजय का मानना है कि यदि किसान बाजार की मांग को समझकर और फसल चक्र का सही तरीके से पालन करते हुए फूलों या सब्जियों की खेती अपनाएं, तो वे पारंपरिक खेती की तुलना में कहीं अधिक लाभ कमा सकते हैं।
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