हयूमन वेल्फेयर सोसाइटी के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई, लोगों को पैसे वापिसी की उम्मीद जागी...जानिए पूरा मामला
punjabkesari.in Wednesday, Mar 26, 2025 - 04:58 PM (IST)

चंडीगढ (चंद्र शेखर धरणी): प्रदेश के लाखों गरीब जमा कर्ताओं से हज़ारों करोड़ रुपये की ठगी कर भागने वाली हयूमन वेल्फेयर क्रेडिट एन्ड थ्रिफ्ट को ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड से जमा कर्ताओं को रुपया वापिस दिलवाने के लिये केंद्र सरकार ने कारवाई शुरु कर दी है । इससे लाखों जमा कर्ताओं को पैसे वापिसी की उम्मीद जागी है ।
सोसाइटी की ठगी के शिकार जमा कर्ताओं व एजेंटों को न्याय दिलाने के लिये संघर्षरत आरटीआई एक्टिविस्ट कॉमरेड पीपी कपूर ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार के तहत सेंट्रल रजिस्ट्रार रबिन्द्रा कुमार अग्रवाल ने हयूमन सोसाइटी के लिक्विडेशन की कारवाई शुरु कर दी है ।
आगामी कारवाई के लिये सरकार ने पूर्वी दिल्ली के जिला मैजिस्ट्रेट/ डीसी को लिक्विडेटर नियुक्त किया है । ठगी के शिकार हुए सभी जमा कर्ताओं को अब लिक्विडेटर एवं पूर्वी दिल्ली के डीसी के पास लिखित तौर पर अपनी शिकायत रसीदों,सबूतों सहित दर्ज करानी होगी । लिक्विडेशन स्कीम के तहत हयूमन सोसाइटी की चल- अचल सभी सम्पतियों को नीलाम करके जमा कर्ताओं का रुपया वापिस दिलवाना होगा ।
कपूर ने हज़ारों करोड़ की ठगी करने वाले हयूमन सोसाइटी के मालिक समीर अग्रवाल, हरियाणा प्रभारी बिजेंद्र रोहल सहित पूरे गैंग को तत्काल अरेस्ट करने की मांग की है । आरोप लगाया कि यह घोटाला सरकार की देख रेख मे हुआ है, अगर पहले ही समय रहते सरकार कारवाई करती तो लाखों गरीब जमा कर्ता व एजेंट हज़ारों करोड़ की इस ठगी के शिकार न होते ।
भांडा ऐसे फूटा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिलदार हुसैन द्वारा दायर की याचिका पर 11 दिसंबर 2024 के आदेश जारी कर सेंट्रल रजिस्ट्रार से हयूमन सोसाइटी के सभी जमा कर्ताओं के जमा रुपयों की रिपोर्ट मांगी । इस पर सेंट्रल रजिस्ट्रार ने माह जनवरी 2025 मे दो बार इस सोसाइटी को रजिस्टर्ड डाक से रजिस्टर्ड पत्ते पर नोटिस भेजे जो सोसाइटी के फुर्र हो जाने के कारण वापिस आ गये । सोसाइटी की अधिकारिक वेबसाइट पर भेजे नोटिस का भी कोई जवाब नहीं मिलने पर सरकार ने लिक्विडेशन की कारवाई शुरु कर दी है ।
सोसाइटी ने ऐसे लोगों को ठगा
कॉमरेड पीपी कपूर ने बताया कि हयूमन को ऑपरेटिव सोसाइटी के शातिर संचालकों ने भारत सरकार के सहकारिता व कृषि मंत्रालय से को ऑपरेटिव सोसाइटी रजिस्टर्ड करवा रखी थी । पिछले दस वर्षो से सोसाइटी काम कर रही थी। सरकार से मान्यता होने के प्रभाव में छोटे छोटे गरीब जमा कर्ता फंस गये । सोसाइटी जमा कर्ताओं को सरकारी बैंको से ज़्यादा ब्याज देने का दावा करती थी व भारत सरकार की सभी स्कीमों को चला रही थी । बीजेपी के बड़े बड़े नेता इस सोसाइटी के कार्यकर्मों में शामिल होते थे । जिससे कम पढ़े लिखे लोगों को सोसाइटी पर भरोसा हो गया ।
गौर तलब है कि प्रदेश भर मे हयूमन सोसाइटी की ठगी के शिकार हुए जमाकर्ता व एजेंट पिछले करीब एक महीने से धरने प्रदर्शन कर रहे हैं ।