विभागीय जांच के बीच महिला कर्मचारी ने फिर लगाए गंभीर आरोप, मंडी सुपरवाइजर के खिलाफ पुलिस में शिकायत
punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 08:22 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (एचएसएएमबी) मुख्यालय, पंचकूला द्वारा अंबाला शहर मार्केट कमेटी में कार्यरत एक मंडी सुपरवाइजर के खिलाफ पहले से चल रही विभागीय जांच के बीच मामला और गंभीर हो गया है। विभाग की एक हिला कर्मचारी ने मंडी सुपरवाइजर पर फिर से मानसिक उत्पीड़न, झूठे आरोप लगाने तथा उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक अंबाला को विस्तृत शिकायत दी है।
महिला कर्मचारी ने शिकायत में बताया कि उनके द्वारा पहले की गई शिकायत के आधार पर मंडी सुपरवाइजर के खिलाफ विभागीय जांच और महिला उत्पीड़न के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच एचएसएएमबी मुख्यालय स्तर पर पहले से चल रही है। इसी दौरान 15 जुलाई 2026 को मंडी सुपरवाइजर द्वारा एक पत्र जारी कर उनके संबंध में ऐसे आरोप लगाए गए, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
महिला कर्मचारी के अनुसार वह वर्तमान में जोनल विपणन प्रवर्तन अधिकारी (जेडएमईओ) के आदेशानुसार जेडएमईओ कार्यालय में कार्यरत हैं। 15 जुलाई को वह आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आवश्यक फॉर्म-16 लेने मार्केट कमेटी अंबाला शहर के लेखाकार के कार्यालय गई थीं। उसी दिन शाम को उन्हें जानकारी मिली कि मंडी सुपरवाइजर ने पत्र क्रमांक 794 दिनांक 15 जुलाई 2026 के माध्यम से उनके संबंध में तीन बिंदुओं की शिकायत भेजी है।
शिकायत में महिला ने कहा है कि पत्र के पहले और तीसरे बिंदु पूरी तरह विभागीय जांच से जुड़े विषय हैं और उनका पुलिस जांच से कोई लेना-देना नहीं है। जबकि दूसरे बिंदु में यह आरोप लगाया गया कि पिछले दस दिनों से कोई संदिग्ध व्यक्ति कार्यालय में आकर मंडी सुपरवाइजर के बारे में पूछता है और फिर वापस लौट जाता है। साथ ही यह भी लिखा गया कि उसी व्यक्ति को एक महिला के साथ मंडी टाउनशिप में देखा गया।
महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि इस प्रकार का उल्लेख कर उन्हें संदेह के दायरे में लाने और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि पिछले दस दिनों के कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उनकी जांच कराई जाए। संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का भी मिलान किया जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कोई संदिग्ध व्यक्ति आया था या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि वास्तव में कोई व्यक्ति लगातार दस दिनों तक कार्यालय में आकर पूछताछ कर रहा था और मंडी सुपरवाइजर को उससे खतरा महसूस हो रहा था, तो तत्काल पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
महिला कर्मचारी ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित मंडी सुपरवाइजर को पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम 4(बी) के तहत विभागीय दंड दिया जा चुका है।
शिकायत में महिला ने कहा है कि मंडी सुपरवाइजर द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों, पत्र में प्रयुक्त भाषा तथा उनके चरित्र और छवि को प्रभावित करने के प्रयास से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। इससे उनकी गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंची है तथा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
महिला कर्मचारी ने पुलिस अधीक्षक अंबाला से मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप झूठे पाए जाते हैं तो महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने, अपमानजनक व्यवहार करने और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत भारतीय न्याय संहिता तथा महिला सुरक्षा कानूनों के अनुसार संबंधित मंडी सुपरवाइजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।