बैंकों की हड़ताल, प्रदर्शन कर बुलंद की आवाज, ढाई लाख करोड़ की ट्रांजेक्शन प्रभावित
punjabkesari.in Friday, Sep 11, 2026 - 09:30 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर आज देश भर में सरकारी बैंकों की हड़ताल रही। इस दौरान बैंकों के कर्मचारियों ने काम छोड़कर सड़क पर अपना डेरा डाल लिया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। यूनियन पदाधिकारियों की मानें तो एक दिन की हड़ताल से गुड़गांव सहित में ढाई लाख करोड़ रूपए का स्कल बिजनेस प्रभावित हुआ है। हालांकि आज हड़ताल के दौरान बैंक में आकर वित्तीय लेनदेन करने वालों सहित पेंशनर्स को परेशान होना पड़ा, लेकिन डिजिटल ट्रांजेक्शन चालू होने के कारण ज्यादातर लोग ट्रांजेक्शन कर पाए।
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बैंक कर्मचारी स्वेच्छा मिश्रा ने बताया कि बैंकस सप्ताह में पांच कार्य दिवस किए जाने सहित पीएलआई (परफोरमेंस लिंक इंसेटिव) में असमानता सहित अन्य मांगों को लेकर आज हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब काम की बारी आती है तो सभी अधिकारियों और सरकार को निचले स्तर के कर्मचारी याद आ जाते हैं। उस वक्त कर्मचारियों को बैंक की रीढ़ कहा जाता है, लेकिन जब पीएलआई का लाभ देना होता है कि इन्हीं निचले स्तर के कर्मचारियों को दरकिनार कर दिया जाता है। वहीं, बैंकर्स पूजा यादव ने बताया कि जब काम का प्रेशर होता है तो स्केल -1, स्केल-2 पर प्रेशर दिया जाता है। कोई भी नई योजना हो उसके लिए यही कर्मचारी याद आते हैं, लेकिन जब पीएलआई की बारी आती है तो स्केल-4 व इससे उपर के अधिकारियों को पूरा लाभ दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इन दो प्रमुख मांगों के साथ-साथ तीन अन्य मांगे भी हैं जिनको लेकर सभी बैंकर्स हड़ताल कर रहे हैं। अभी एक दिन की हड़ताल से सरकार को चेतावनी दी गई है। अगर सरकार नहीं मानी तो वह 26 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल पर जाएंगे। इसके बाद भी अगर सरकार की नींद नहीं खुली तो बैंकर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जांएगे।

वहीं, दीपक गौतम ने कहा कि 8 मार्च 2024 को आईपीए के साथ एग्रीमेंट होने के बाद भी आज तक इन मांगों को लागू नहीं किया गया है। पीएलआई को लेकर तय हुआ था कि जो भी बैंक अच्छी परफोरमेंस देगा उसे 15 दिन का इंसेटिव दिया जाएगा, लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया। यह सरकार की दोगनी नीति है ताकि बैंकर्स आपस में बट जाएं। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर फर्क पड़ेगा। उन्होंने बताया कि बैंक से पुराने कर्मचारी तो रिटायर हो रहे हैं, लेकिन नए की भर्ती नहीं की जा रही। ऐसे में बैंक में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी काम के बोझ तले दबा हुआ है। उन्होंने बताया कि गुड़गांव में 350 बैंक शाखाओं के कर्मचारी आज हड़ताल पर रहे हैं।