खेल मंत्री के पक्ष में उतरे बीरेंद्र सिंह, बोले- सच्चाई सामने आने के बाद ही कुछ कहना सही होगा
punjabkesari.in Wednesday, Jan 11, 2023 - 09:56 PM (IST)
चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): प्रदेश के राज्य मंत्री संदीप सिंह पर लगातार आक्रामक बने विपक्ष के जवाब में अपने मंत्री के पक्ष में उतरे मुख्यमंत्री के बाद प्रदेश के बेहद वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ बिरेंदर सिंह ने भी संदीप सिंह के पक्ष में बड़ा बयान दिया है। पंजाब केसरी से बातचीत के दौरान हनी ट्रैप जैसे मामलों की तरफ ध्यान दिलाते हुए यह कहा कि सच्चाई क्या है, यह तथ्य साबित करेंगे। किसी मामले को बिना तथ्यों के अदालत में भेजना भी उचित नहीं होता। पुलिस को मॉडर्न होने की उन्होंने जरूरत बताया यानी कहीं ना कहीं आरोपों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए नजर आए। कई महत्वपूर्ण विषय पर हुई बातचीत के कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत हैं:-
प्रश्न:- राज्य मंत्री संदीप सिंह पर मुख्यमंत्री के स्टैंड को कुछ लोग ठीक बता रहे हैं, जबकि विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है ?
उत्तर:- विपक्ष इसलिए कह रहा है क्योंकि वह विपक्ष है। मुख्यमंत्री की कैबिनेट का संदीप सिंह हिस्सा है, इसलिए वह उनके पक्ष में बात कर रहे हैं। लेकिन मेरा मानना है कि सारे तथ्य सामने आने के बाद ही कोई बात कहना उचित होगा। आजकल अपराध की दुनिया में बहुत चीजें उभरकर सामने आई है। क्राइम की दुनिया में हनी ट्रैप भी आपने सुना होगा। बहुत सी चीजें कभी सुनी भी नहीं थी, जो हो रही हैं। बैंकों में बड़े-बड़े फ्रॉड होने लग गए। डिजिटल दुनिया में कोई भी गड़बड़ करने पर पकड़े जाने के दावे होते हैं। बड़े बड़े बैंकों के उच्च अधिकारी चेयर पर्सन कोचर मैडम और उसका पति अंदर हैं। क्राइम की एक नई डेफिनेशन बनने लग गई है। इकोनामिक ऑफेंसेस में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए पुलिसिंग को भी भारी परिवर्तन करना होगा। पुलिस को मॉडर्न बनना होगा। सही बात पर ही कोई मामला अदालत में जाए, तथ्य नहीं मिलने पर चालान पेश करना ठीक नहीं माना जा सकता। मैं भी वकील रहा हूं और कई बार इन बातों की और सोचता हूं।
प्रश्न:- 'भारत जोड़ो यात्रा' के हरियाणा में सफल कार्यक्रमों के बाद हरियाणा कांग्रेस काफी उत्साहित है ?
उत्तर:- ठीक है, वह उत्साहित तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी हैं। जहां जहां चुनाव होने हैं वहां वहां कांग्रेस दोबारा उठने और उबरने का प्रयास कर रही है।
प्रश्न:- राहुल गांधी को नेता के रूप में प्रोजेक्ट करने की कांग्रेस की कोशिश कितनी सफल होगी ?
उत्तर:- कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है और पुरानी होने के कारण ही आपसी मनमुटाव भी ज्यादा हैं। सबसे पहले कांग्रेस को अपनी अंदरूनी कलह को खत्म करने की जरूरत है, उसके बाद ही इस यात्रा का कोई फायदा होगा, नहीं तो कोई लाभ नहीं होने वाला।
प्रश्न:- आपके हिसाब से राहुल कितने बड़े नेता साबित हुए हैं?
उत्तर:- यह बात आपको माननी होगी कि 2017 के गुजरात चुनाव से लेकर अब तक राहुल को जिस नाम से परिभाषित किया जाता था, वह नाम आहिस्ता आहिस्ता हटा है।
प्रश्न:- कई कार्यक्रमों में कांग्रेस के कई गुट कुछ जगह इकट्ठे नजर भी आए ?
उत्तर:- राहुल आ रहे थे, इसलिए इकट्ठे नजर आए हैं। अगर यह इकट्ठे होकर वास्तव में चलते तो कांग्रेस कभी सत्ता से भागती ही नहीं और कांग्रेस की यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जिसके हाथ में भी कांग्रेस आ जाती है, वह इसे अपनी बपौती मान लेता है और अपनी बपौती मानने के बाद कांग्रेस का वोटर पीछे हट जाता है। जिस तरह से प्रदेश में कांग्रेस हुड्डा को सौंप दी गई, अगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा बड़ी सोच के साथ हर आदमी को साथ लेकर चलेगा तो ही सुखद परिणाम आएंगे। अगर छोटी सोच के साथ खुद को ही कांग्रेस मानेगा तो कांग्रेस का हाल 2014 और 2019 जैसा ही हरियाणा में होगा।
प्रश्न:- यात्रा के दौरान कांग्रेस का मुख्य फोकस जीटी रोड बेल्ट ही रहा, इस पर आपका क्या नजरिया है ?
उत्तर:- यह तो केवल एक रूट है, अगर पानीपत से घुसेगे तो इसी रूट से ही पंजाब जाएंगे। इस रूट पर भले आदमी है। पानीपत -करनाल- कुरुक्षेत्र -अंबाला के वोटरों को राजनीतिक लड़ाई लड़ने का ज्ञान किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में हिस्सा लेने के बाद ही हुआ। नहीं तो हमेशा राजनीतिक लड़ाई तो बीच का हरियाणा ही लड़ता है।
प्रश्न:- क्या इस रूट का चयन बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश तो नहीं थी ?
उत्तर:- मैं इस बात को नहीं मानता। कांग्रेस राज में इस क्षेत्र को कांग्रेस का स्ट्रांग होल्ड माना जाता था और अब बीजेपी सरकार में बीजेपी का गढ़ माना जाता है। लेकिन इस क्षेत्र से कांग्रेस को भी बहुत सीटों पर हारते मैंने देखा है और बीजेपी भी यहां से बहुत सीटों पर हारी है। यहां का वोटर अवश्य सभ्य है। देश की राजनीति के परिपेक्ष में उसकी अपनी सोच है। जबकि हरियाणा के बीच वाले क्षेत्र की सोच में कई बार क्षेत्रवाद भी हावी रहा। उनकी सोच दूसरी होने के कारण ही हमेशा यहां और वहां के परिणामों में फर्क नजर आया। सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आज बेहद मजबूत हुआ है। जिससे एक क्षेत्र की बात दूसरे क्षेत्र वासियों तक बड़ी आसानी से पहुंची है और उन्होंने अपने हिसाब से इसे देखा है।
प्रश्न:- राहुल ने आरएसएस पर अलग-अलग क्षेत्र में अलग अलग अंदाज से निशाना साधा, इस पर आपका क्या विचार है ?
उत्तर:- जिस अंदाज में राहुल अपनी यात्रा कर रहा है, वह रूलिंग पार्टी पर अवश्य प्रहार तो करेगा ही। इसमें कोई भी नई बात नहीं है। कल कांग्रेस अगर सत्ता में आती है तो हम भी कांग्रेस पर प्रहार करेंगे। किसी ना किसी मुद्दे पर उसे घेरने की कोशिश करेंगे। आर एस एस और भाजपा के नेताओं को वह निशाना बना रहे हैं, वह एक अलग बात है। लेकिन मेरा मानना है कि मुद्दों पर ही राजनीति होनी चाहिए। देश के मुद्दे बेहद जरूरी है। व्यक्ति विशेष या संगठन पर प्रहार करना ठीक नहीं है।
प्रश्न:- आजकल की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर आपका क्या विचार है ?
उत्तर:- बेटे के राजनीति में आने के बाद मैं वह नहीं कर रहा जो पहले करता था। मैं आज चुनावी राजनीति नहीं कर रहा हूं। लेकिन राजनीति को हरियाणा में समझाने की कोशिश मेरी अवश्य है और भविष्य में हरियाणा के आदमी को किन चीजों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, कौन-कौन से विषय और समस्याओं का आज तक समाधान नहीं हुआ, यह 23 मार्च 2023 को जींद में गैर राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन मेरे साथियों ने किया है उसमें समझाएंगे। गरीबी -बेरोजगारी -भ्रष्टाचार जैसी बहुत सी समस्याएं आजादी से लेकर अब तक बरकरार है। इनके स्थाई समाधान होना बेहद जरूरी है। पेंशन बढ़ाने जैसे वायदों और दावो से गरीबी नहीं मिट सकती। किसान और कमेरे वर्ग को कैसे महसूस हो कि देश की संपदा में उनका हिस्सा है, उन्हें आर्थिक रूप से कैसे संपन्न किया जाए, प्रधानमंत्री के जय जवान जय किसान -जय विज्ञान -जय अनुसंधान पर अनुसंधान की जरूरत है। जड़ से समस्याओं का समाधान समय की जरूरत है। आज हरियाणा के नौजवान अपनी जमीन बेच कर विदेशों में भागने को उत्सुक हैं। लेकिन यह चाव नहीं बल्कि वह उनके हिस्से की घटती जमीन के कारण उनकी मजबूरी है। वह नए रास्ते की खोज कर अपने परिवार को ऊपर उठाना चाहते हैं। इस जींद की रैली में युवाओं को हम रास्ता दिखाने की घोषणा भी करेंगे।
प्रश्न:- क्या मानते हैं कि विदेशों में जाने का मुख्य कारण सुरक्षित रोजगार और सरकारी नौकरियां ना मिल पाना है ?
उत्तर:- 2014 में एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार देश में खेती से जुड़े परिवारों से संबंध रखने वाले 20 करोड़ युवा युवतियां खेती को घाटे का सौदा समझते हुए खेती नहीं करना चाहते। इसलिए उन्हें रोजगार की तलाश है। अगर देश में नहीं मिलेगा तो वह दूसरे देशों में भागने को मजबूर हैं। ग्रीन रिवॉल्यूशन प्रोडक्टिविटी और प्रोडक्शन बढ़ाने की एक कोशिश है। लेकिन अगर किसान को आर्थिक रूप से संपन्न बनाया जाए तो सारे देश की अर्थव्यवस्था में एक नया पड़ाव आएगा और नई सोच पैदा होगी।
प्रश्न:- अभी तक बनी हुई समस्याओं की यथास्थिति के पीछे क्या पॉलीटिकल विल की कमी मानते हैं ?
उत्तर:- मैं ऐसा नहीं मानता। देश प्रदेश में हर सरकार ने प्रयास किया। इंक्रीमेंटल इंप्रूवमेंट हुई है। लेकिन युवा आज एक अच्छे छलांग चाहता है। वह आश्वस्त होनाा चाहता है कि हम अब बेरोजगारी का शिकार नहीं होंगे।
प्रश्न:- 2024 में हरियाणा में किन किन दलों में मुख्य मुकाबला मानते हैं ?
उत्तर:- अभी लोगों ने अपना मन नहीं बनाया है। चुनाव से 4-6 महीने पहले ही लोग कुछ फैसला ले पाएंगे और उस वक्त मैं आंकड़ों सहित बता दूंगा कि किसे क्या मिलेगा। अभी वोटर तैयार नहीं है। उसे खुद नहीं पता कि मुझे क्या करना है।
प्रश्न:- राज्य मंत्री संदीप सिंह पर मुख्यमंत्री के स्टैंड को कुछ लोग ठीक बता रहे हैं, जबकि विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है ?
उत्तर:- विपक्ष इसलिए कह रहा है क्योंकि वह विपक्ष है। मुख्यमंत्री की कैबिनेट का संदीप सिंह हिस्सा है, इसलिए वह उनके पक्ष में बात कर रहे हैं। लेकिन मेरा मानना है कि सारे तथ्य सामने आने के बाद ही कोई बात कहना उचित होगा। आजकल अपराध की दुनिया में बहुत चीजें उभरकर सामने आई है। क्राइम की दुनिया में हनी ट्रैप भी आपने सुना होगा। बहुत सी चीजें कभी सुनी भी नहीं थी, जो हो रही हैं। बैंकों में बड़े-बड़े फ्रॉड होने लग गए। डिजिटल दुनिया में कोई भी गड़बड़ करने पर पकड़े जाने के दावे होते हैं। बड़े बड़े बैंकों के उच्च अधिकारी चेयर पर्सन कोचर मैडम और उसका पति अंदर हैं। क्राइम की एक नई डेफिनेशन बनने लग गई है। इकोनामिक ऑफेंसेस में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए पुलिसिंग को भी भारी परिवर्तन करना होगा। पुलिस को मॉडर्न बनना होगा। सही बात पर ही कोई मामला अदालत में जाए, तथ्य नहीं मिलने पर चालान पेश करना ठीक नहीं माना जा सकता। मैं भी वकील रहा हूं और कई बार इन बातों की और सोचता हूं।
प्रश्न:- हरियाणा की अलग विधानसभा के लिए चंडीगढ़ में केंद्र द्वारा दी गई 10 एकड़ जमीन का विरोध अधिकतर पंजाब के नेता कर रहे हैं, आपका क्या मत है ?
उत्तर:- शाह कमीशन ने चंडीगढ़ हरियाणा को दिया था, लेकिन पंजाब हमेशा दबाव बनाता रहा कि हमें दो। केंद्र ने चंडीगढ़ को यूटी बनाकर इसे दोनों की राजधानी रख दिया। लेकिन मैं शुरू से हमारी अलग राजधानी- अलग हाईकोर्ट और विधानसभा की बात कहता रहा हूं। अगर हमारी संस्कृति- सभ्यता का उत्कृष्ट नमूना देखना है, तो सब कुछ अलग होना बेहद जरूरी है। यह तभी संभव हो पाएगा किराए की राजधानी में रहकर हमारी संस्कृति नहीं पनप सकती। मेरा मानना है कि केंद्र चंडीगढ़ में हरियाणा को 10 एकड़ जमीन अवश्य नई विधानसभा के लिए देगा और अलग विधानसभा बेहद जरूरी है। हरियाणा की असेंबली में विधायकों के लिए अलग-अलग दफ्तर, स्टाफ के बैठने की व्यवस्थाएं अच्छे ढंग से हो तो ही सभी लोग अच्छी तैयारी के साथ आएंगे, उनके भाव अच्छे होंगे और अच्छे से हरियाणा के लिए काम हो पाएगा। अगर पंजाब इसका विरोध करता है तो वह बिल्कुल गलत है।
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