करनाल: पकड़ी गई पुलिसकर्मी को बोनट पर घसीटने वाली ''ब्लैक फिल्म'' कार, ऐसे आया गिरफ्त में
punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 01:52 PM (IST)
करनाल: हरियाणा के करनाल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग चालक ने न केवल पुलिस के रुकने के इशारे को नजरअंदाज किया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर उसे काफी दूर तक कार के बोनट पर घसीटा। यह पूरी घटना सेक्टर-6 स्थित सरकारी कॉलेज चौक के पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई, जिसने शहर में सड़क सुरक्षा और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के जोखिम पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
जानकारी के अनुसार, घटना 27 मार्च की है जब सेक्टर-6 चौक पर पुलिस की पीसीआर (PCR) टीम नियमित चेकिंग कर रही थी। जांच अधिकारी निरंजन ने बताया कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को एक संदिग्ध काले शीशों (Z-Black Glass) वाली कार आती दिखाई दी। इस गाड़ी की पहचान इसलिए भी संदिग्ध थी क्योंकि इसके आगे और पीछे कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जब पुलिस टीम ने चालक को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने पुलिस के डर से रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी।

तेज रफ्तार कार ने सीधे पुलिसकर्मी को टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिसकर्मी उछलकर सीधे कार के बोनट पर जा गिरा। आरोपी चालक ने इसके बावजूद गाड़ी नहीं रोकी और पुलिसकर्मी को बोनट पर लटकाकर ही काफी दूरी तक लेकर गया। गनीमत रही कि पुलिसकर्मी ने अपनी पकड़ बनाए रखी और नीचे नहीं गिरा, अन्यथा वह टायर के नीचे आकर गंभीर रूप से घायल हो सकता था या उसकी जान भी जा सकती थी। इस हादसे में पुलिसकर्मी को हल्की चोटें आई हैं।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर गाड़ी और चालक की पहचान के प्रयास शुरू किए गए। पुलिस की सतर्कता का नतीजा रहा कि जब आरोपी अगले दिन फिर से मार्केट क्षेत्र में दिखाई दिया, तो पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गाड़ी चलाने वाला युवक नाबालिग है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई काले शीशों वाली बिना नंबर की कार को भी बरामद कर लिया है। आरोपी को जुवेनाइल कोर्ट (Juvenile Court) में पेश किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि नाबालिग को गाड़ी देने के लिए उसके अभिभावकों की क्या जिम्मेदारी बनती है।