हरियाणा के इस सिविल अस्पताल में बड़ा बदलाव: 16 अक्टूबर से पर्ची और टेस्ट के लिए कैश बंद, अब डिजिटल पेमेंट और एडवांस अपॉइंटमेंट की सुविधा
punjabkesari.in Friday, Oct 16, 2026 - 06:19 PM (IST)
महेंद्रगढ़ (प्रदीप बालरोडिया) : जिला महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल नारनौल में 16 अक्टूबर से कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। अब पर्ची बनवाने, टेस्ट और अन्य सेवाओं के लिए नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। मरीजों को डिजिटल माध्यम से शुल्क जमा कराना होगा। इसके अलावा, मरीज एक दिन पहले ही डॉक्टर से परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकेंगे।
नारनौल के नागरिक अस्पताल की चिकित्सा प्रबंधन आशा शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार नागरिक अस्पताल नारनौल में डिजिटल पेमेंट की सुविधा का विस्तार किया गया है। पहले जन औषधि केंद्र और एसकेएस में डिजिटल भुगतान की व्यवस्था चल रही थी, अब रजिस्ट्रेशन, ब्लड बैंक और इमरजेंसी में भी क्यूआर कोड सिस्टम शुरू कर दिया गया है। मरीज क्यूआर कोड स्कैन कर विभिन्न सेवाओं का भुगतान कर सकेंगे।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शुरुआत में डिजिटल और कैश दोनों तरह के काउंटर रखे गए हैं, ताकि ऑनलाइन भुगतान में किसी मरीज को परेशानी होने पर वह नकद भुगतान कर सके।
हालांकि, आने वाले समय में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट की सुविधा का उद्देश्य मरीजों को सहूलियत देना और अस्पताल में लगने वाली लंबी कतारों से राहत दिलाना है। मरीज घर बैठे क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे और अपॉइंटमेंट भी ले सकेंगे। इससे उन्हें रजिस्ट्रेशन और अन्य सेवाओं के लिए अस्पताल में लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक क्लिनिक की सेवाएं मुफ्त हैं। हालांकि, ऑनलाइन पेमेंट में समस्या का सामना करने वाले मरीजों के लिए कैश भुगतान का प्रावधान भी रखा गया है। अस्पताल में डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बावजूद किसी मरीज को भुगतान में परेशानी न हो, इसके लिए दोनों विकल्प फिलहाल उपलब्ध रहेंगे।
अस्पताल में ओपीडी का रजिस्ट्रेशन करवाने पहुंचे मरीजों ने डिजिटल व्यवस्था को अच्छा कदम बताया, लेकिन साथ ही कुछ परेशानियों की ओर भी ध्यान दिलाया। मरीज ने कहा कि ऑनलाइन और डिजिटल भुगतान से लोगों को सुविधा मिल सकती है, लेकिन अस्पताल में आने वाले सभी लोग डिजिटल भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं। खासकर बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को मोबाइल से भुगतान करने या क्यूआर कोड स्कैन करने में परेशानी हो सकती है। मरीज ने सुझाव दिया कि ऐसे लोगों के लिए नकद भुगतान का विकल्प भी रखा जाना चाहिए, ताकि उन्हें इलाज और जांच करवाने में किसी तरह की दिक्कत न हो। मरीज के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ उन लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखना जरूरी है, जो तकनीक का इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं।