छत्रपति हत्याकांड- सीलबंद कंटेनर में रखी गोली पर हस्ताक्षर को लेकर उठे सवाल, HC ने कहा- कुछ स्पष्ट...
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 04:46 PM (IST)
डेस्क: पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में जिस साक्ष्य के आधार पर सजा का फैसला हुआ है उसी पर बीते दिन यानि मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सवाल उठाए गए। संबंधित गोलियों की कोर्ट में भौतिक रूप से जांच की गई।
चीफ जस्टिस शील नागू, जस्टिस विक्रम अग्रवाल की बेंच ने कहा कि गोलियों पर कुछ स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है जबकि सीबीआई की तरफ से इन गोलियों पर हस्ताक्षर का दावा किया गया था। वहीं रहीम सिंह की तरफ से कहा गया कि छत्रपति के शव में मिली गोली बरामद हथियार से मेल ही नहीं खाती है। इसके अलावा बुलेट सील बंद ही रही तो इसकी फॉरेंसिंक जांच कब हुई। इस मामले में आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ डेरा प्रमुख की अपील पर हाईकोर्ट ने दोबारा सुनवाई शुरु कर दी है।
हालांकि बचाव पक्ष ने इस तर्क को अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि मानव शरीर से निकली विकृत और बेहद छोटी गोली पर किसी भी प्रकार के हस्ताक्षर असंभव है। बचाव पक्ष ने कहा कि हथियार के बैरल पर निशान संभव हो सकते हैं लेकिन शरीर से निकली गोली पर नहीं।
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