चार दिन तक ताऊ देवी लाल स्टेडियम में खड़ा रहा मुख्यमंत्री का हैलीकॉप्टर, खिलाड़ियों को हुई परेशानी
punjabkesari.in Thursday, Oct 08, 2026 - 03:05 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सिंगपुर दौरे ने गुड़गांव के खिलाड़ियों को परेशान कर दिया। गुड़गांव के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चार दिनों तक मुख्यमंत्री का हैलीकॉप्टर खड़ा रहा जिसके कारण खिलाड़ियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। खिलाड़ी प्रेक्टिस नहीं कर पाए और उन्हें परेशान होना पड़ा। हालांकि जीएमडीए के अधिकारियों की मानें तो खिलाड़ियों को प्रेक्टिस के लिए दूसरा ग्राउंड उपलब्ध कराया गया था और उनकी प्रेक्टिस नहीं रुकने दी गई।
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खिलाड़ियों की मानें तो प्रत्येक माह में एक से दो दिन ऐसा होता है कि यहां किसी न किसी वीआईपी मूवमेंट के कारण हेलीपैड बनाया जाता है जिसके कारण खिलाड़ियों को स्टेडियम में प्रवेश नहीं करने दिया जाता। ऐसे में खिलाड़ियों की प्रेक्टिस प्रभावित होती है। यहां केवल एथलीट्स ही नहीं बल्कि बास्केट बॉल, फुटबॉल, क्रिकेट सहित अन्य खेलों के सैकड़ों खिलाड़ी प्रेक्टिस के लिए आते हैं जिन्हें सुरक्षा कारणों से स्टेडियम में प्रवेश नहीं करने दिया जाता है। वर्तमान में यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का हेलीकॉप्टर लैंड कराया गया था। चार दिन से यहां हैलीकॉप्टर खड़ा होने के कारण छात्रों को प्रेक्टिस के लिए ग्राउंड में नहीं आने दिया जा रहा जिसके कारण खिलाड़ियों ने अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई न होने के कारण उन्होंने इसका एक फोटो सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर दिया। हालांकि बुधवार को गुड़गांव में हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री का यह हैलीकॉप्टर यहां से उड़ान भर गया और ग्राउंड खाली हो गया।
खिलाड़ियों का कहना है कि आए दिन ताऊ देवीलाल स्टेडियम को वीआईपी मूवमेंट के दौरान हेलीपेड बना दिया जाता है जिसके कारण खिलाड़ियों को परेशानी होती है। एक तरफ जहां हरियाणा के खिलाड़ी पूरे विश्व में अपना परचम लहराकर मेडल ला रहे हैं वहीं, स्टेडियम को हेलीपेड बनाना और हेलीकॉप्टर को कई दिनों तक खड़ा किए जाने के कारण खिलाड़ियों की परफॉरेमेंस प्रभावित हो रही है। वहीं, जीएमडीए के अधिकारियों का कहना है कि हेलीकॉप्टर को यहां खड़ा करने के दौरान खिलाड़ियों को दूसरे स्टेडियम में प्रेक्टिस करने के लिए ग्राउंड उपलब्ध कराया गया था। खिलाड़ियों की प्रेक्टिस को प्रभावित नहीं होने दिया गया है।