''CIA-2'' ने थर्ड डिग्री से बिगाड़ी ''युवाओं की बॉडी'', एवीटी स्टाफ इंचार्ज पर लगाए गंभीर आरोप

punjabkesari.in Saturday, May 09, 2026 - 01:54 PM (IST)

चरखी दादरी (पुनीत श्योराण) : वैसे तो चरखी दादरी की सीआईए करीबन पिछले 15 साल से विवादों में रही है। सीआईए अधिकारियों और कर्मचारियों के करतूतों के कारण विभागीय जांच के अलावा अदालत ने भी सीआईए की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए सजा ही नहीं बल्कि इंक्रीमेंट से लेकर प्रमोशन पर भी रोक लगाने के मामले सामने आ चुके है। 

इतना ही नहीं पुलिस विभाग की इंटरनल जांच में भी पुलिस अधीक्षक द्वारा सीआईए को दोषी ठहराया जा चुका है और बर्खास्त तक किया जा चुका है। पिछले 15 साल जिले में ऐसे 3-4 मामले सामने आ चुके हैं। अब एक बार फिर सीआईए सुर्खियों में है, जिसने युवाओं पर थर्ड डिग्री लगाते हुए ऐसी हालात में पहुंचा दिया हैं कि शायद ही भविष्य में ठीक से अपना जीवन जी सकें। 

फिलहाल सीआईए की हैवानियत का एक और मामला जिले में सामने आया है। हम आपको बता दें कि गांव गोपी निवासी हिमांशु पुत्र सूरजमल ने एवीटी (सीआईए-2) स्टाफ इंचार्ज सतीश कुमार द्वारा बेरहमी से मारपीट व थर्ड डिग्री देने पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों सहित हुमन राइट्स को शिकायत भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने अपने लिखित पत्र के माध्यम से अवगत करवाया है कि 25 अप्रैल को मैं व संजय पुत्र ईश्वर, वासी गांव कारी रूपा व अन्य साथी पंचगांव गांव के सरपंच शमशेर के स्वथ भारतीय जनता पार्टी कार्यक्रम के हिसाब से गांव गोपी, काकड़ौली हुक्मी, काकड़ौली सरदारा, काकड़ौली हड्डी आदि गांव में गए थे। जिसमें उनके साथ पंचायत समिति प्रतिनिधि व अन्य साथी और भी थे। 

अगले दिन सीआईए-1 इंचार्ज कप्तान सिंह व अन्य कर्मचारियों ने मुझे व मेरे सभी साथियों के घर पर गिरफ्तारी के लिए रेड की जो 25 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम में शामिल थे और अगले दिन 26 अप्रैल को गांव लाड से मुझे, संजय, विकास उर्फ पडव काकड़ौली, आशीष लाड सीआईए पुलिस इंचार्ज पूछताछ के बहाने से दादरी सीआईए में ले आए। वहां पर शमशेर सरपंच को बुला लिया और शमशेर को उसकी गाड़ी व मोबाईल की जांच करके उसी शाम को छोड़ दिया। शमशेर ने अपने परिचित सोमवीर उर्फ सोम चरखी, राजेश उर्फ डिल्लू मास्टर से संपर्क कर समस्त बातें बताई, जिसके बाद सोमवीर चरखी व राजेश उर्फ डिल्लू मास्टर हमसे एवीटी (सीआईए-2) स्टॉफ में मिले, जिसके बाद हम चारों को पूछताछ के लिए वहीं पर रख लिया। 

पुलिस ने 26 अप्रैल की रात को हमारे से हर तरह से पूछताछ की और अगले दिन साईबर सेल इंचार्ज रमेश ने भी हम सब के फोन ले लिए और अपने स्तर पर सब पहलुओं की जांच की। सीआईए-1 व साईबर सेल इंचार्ज ने अपनी जांच उपरांत हमें फ्री कर दिया था और कुछ देर बाद और तहकीकात के बहाने हमें सीआईए स्टाफ ने एवीटी स्टॉफ में छोड़ दिया। 27 अप्रैल के दिन एवीटी (सीआईए-2) स्टाफ इंचार्ज सतीश कादवान ने हमें लगातार अलग-अलग बहाने से पूरी रात नंगा करके टॉर्चर किया, थर्ड डिग्री दी और पीने को पानी तक नहीं दिया। इंचार्ज सतीश कादयान ने अगले दिन भी सुबह लकड़ी के चाखड़े में जबरदस्ती हमारे पैर दे दिए, जिससे मेरे शरीर की नसें डैमेज हो गई और मेरे व संजय के द्वारा बार-बार विनती करने पर भी हमें पानी की एक घूंट भी ना दी। 

इसी दौरान लगातार सीआईए इंचार्ज सतीश हमें बहुत भद्दी गालियां देता रहा और सीआईए-1 के इंचार्ज के बारे में भी अश्लील बातें की। सतीश कादयान लगातार राजेश उर्फ बिल्लू मास्टर के संपर्क में रहा और इंचार्ज सतीश ने जो टॉर्चर किया उसके संबंध में सरकारी नंबर से की गई बात की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी हमारे पास हैं। 28 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे अनिल मोटू व सुधीर चांदवास की हाजिरी में हमारे को अवैध कस्टडी से रिहा किया। एवीटी इंचार्ज सतीश कादयान ने रिहा करने से पहले हमें धमकी दी कि इस टॉर्चर के संबंध में किसी को बताया तो तुम्हारी दोबारा से जिंदगी खराब कर दूंगा। उसने कहा कि तुम्हारे ऊपर पहले भी मुकदमे है। इसलिए तुम्हारी दोबारा जिंदगी खराब करना मेरे लिए बहुत आसान है। 

सतीश कादयान ने अपने सरकारी नंबर 7419301112 से राजेश उर्फ ढिल्लू मास्टर के फोन नंबर 9416969135 पर फोन करके यह भी कहा इनको तो हमने टॉर्चर कर दिया है। अब शमशेर सरपंच का भी यही हाल करेंगे। इसकी भी रिकार्डिंग हमारे पास है। उस दिन हम अपने घर चले गए, मुझे रात को परेशानी हुई और अगले दिन स्थानीय डॉक्टर से इलाज लिख, लेकिन उससे आराम नहीं हुआ तो भिवानी न्यूक्लियश हॉस्पिटल में दाखिल हुए। उसके बाद अब हमारा इलाज वेदा हॉस्पिटल हिस्टार में चल रहा है। में और संजय पुलिस टार्चर के कारण अपनी जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। अब तक भय और होशो हवास ना होने के कारण हमने ये बातें किसी को उजागर नहीं की थी। अब ये सब बातें अपने परिवार के लोगों को बताई तो शिकायत उच्च अधिकारियों को करते हुए अमानवीय कृत्य व अवैध हिरासत के लिए एवीटी स्टाफ इंचार्ज सतीश कादयान के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है। शिकायतकर्ता के पिता सूरजमल ने बताया कि हमारे इन बच्चों के हालात पुलिस ने विधायक बाताड़ा उमेद पातुवास, भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील इंजीनियर व सांसद धर्मबीर के हस्तक्षेप के कारण हुए है और एक झूठा मुकदमा भी एक मई को हमारे बच्चों सहित अन्य 15-20 बच्चों के खिलाफ संगीन धाराओं में करवा दिया है। 

पीड़ित के पिता सूरजमल ने बताया कि एबीटी स्टाफ इंचार्ज सतीश कादयान ने बिना वजह और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण हमारे बच्चों की जिंदगी खराब कर दी है। इसके पीछे मुख्य कारण यह भी है कि मेरे पिता कैप्टन चलबीर सिंह ने कुछ दिनों पहले मुआवजे की मांग के दौरान विधायक बाढड़ा को चम्मचों से दूर रहने की नसीहत दी थी। अब मेरे बेटे के हालात बहुत नाजुक है। हम झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं है। हम इस लड़ाई को कानूनी रूप से लड़ेंगे। 

 


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Content Writer

Manisha rana

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