हरियाणा में क्लर्क भर्ती के नियम बदले, ग्रुप-डी का प्रमोशन कोटा बढ़ा... अब 21,700 से शुरू होगा वेतन
punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 08:23 AM (IST)
डेस्क: प्रदेश सरकार ने क्लर्को की भर्ती, पदोन्नति और सेवा शर्तों में बड़ा बदलाव करते हुए हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) कानून को लागू कर दिया है। इसके तहत क्लर्क के 65 प्रतिशत पदों पर भर्ती सीधी होगी जबकि 30 प्रतिशत पद ग्रुप-डी कर्मचारियों की पदोन्नति से भरे भरे जाएंगे।
पहले यह पदोन्नति कोटा 20 फीसदी था। इसके अलावा 5 प्रतिशत पद अनुकंपा आधार पर भरे जाएंगे। यह भी साफ किया गया है कि यह अधिनियम केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो इसके लागू होने के बाद नियमित आधार पर क्लर्क नियुक्त होंगे या ग्रुप-डी से पदोन्नत होकर क्लर्क बनेंगे। पहले से कार्यरत क्लर्क, राज्यपाल भवन के कर्मचारी व संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं के कर्मचारी इसके दायरे से बाहर रहेंगे।
अधिसूचना के मुताबिक जरूरत पड़ने पर स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के जरिए भी नियुक्तियां की जा सकेंगी। ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर पदोन्नति की शर्तें भी तय की गई हैं। इसके लिए कर्मचारी का 10+2 पास होना, कम से कम पांच वर्ष की नियमित सेवा पूरी करना, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में 70 प्रतिशत या उससे अधिक गुड अथवा वेरी गुड ग्रेड प्राप्त होना जरूरी होगा। कर्मचारी के खिलाफ कोई विभागीय या न्यायिक जांच लंबित नहीं होनी चाहिए और उसे अनिवार्य कंप्यूटर योग्यता परीक्षण यानी एसईटीसी पार्ट-1 परीक्षा भी पास करनी होगी। सीधी भर्ती से चयनित कर्मचारियों को दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि पूरी करनी होगी। क्लर्क पद के लिए फंक्शनल पे लेवल-3 निर्धारित किया गया है, जिसके तहत शुरुआती वेतन 21,700 रुपये होगा और अधिकतम वेतन 69,100 रुपये तक मिलेगा>
वेतनवृद्धि के लिए एसईटीसी पास करना जरूरी
सीधी भर्ती के लिए उम्मीदवार का 10+2 या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके अलावा मैट्रिक या उच्चतर शिक्षा में हिंदी या संस्कृत विषय होना भी जरूरी होगा। नियुक्ति के बाद वार्षिक वेतन वृद्धि और भविष्य में पदोन्नति प्राप्त करने के लिए एसईटीसी के दोनों भागों की परीक्षा पास करनी होगी। क्लर्क पद के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि आरक्षित वर्गों और अन्य पात्र श्रेणियों को सरकार के मौजूदा नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। नए कानून के तहत क्लकों की नियुक्ति का अधिकार मानव संसाधन विभाग के महानिदेशक के पास होगा। नियुक्त कर्मचारी हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग में तथा आवश्यकता पड़ने पर राज्य के भीतर या बाहर भी सेवाएं देने के लिए बाध्य होंगे।